दृष्टिहीन व्यक्तियों को बैंकिंग सुविधाएँ
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आरबीआइ/2007-08/358 4 जून 2008 प्रति सभी वाणिज्य बैंक महोदय दृष्टिहीन व्यक्तियों को बैंकिंग सुविधाएँ हमारे ध्यान में यह बात लायी गयी है कि दृष्टिहीन व्यक्तियों को बैंकिंग सुविधाएँ प्राप्त करने में समस्याएं आ रही हैं। यह नोट किया जाए कि दृष्टिहीन व्यक्तियों को चेक बुक सुविधा /एटीएम का परिचालन /लॉकर आदि सहित कोई भी बैंकिंग सुविधा देने से मना नहीं किया जा सकता क्योंकि वे संविदा करने के लिए कानूनी तौर पर सक्षम हैं। 2. यह ध्यान दिलाया जाता है कि केस नंबर 2791/2003 के अंतर्गत विकलांग व्यक्तियों के लिए मुख्य आयुक्त के माननीय न्यायालय द्वारा 05.09.2005 को आदेश पारित किए गए हैं जिसे भारतीय बैंक संघ द्वारा 20 अक्तूबर 2005 के अपने परिपत्र द्वारा सभी सदस्य बैंकों को अग्रेषित किया गया था। उपर्युक्त आदेश में, माननीय न्यायालय ने ये अनुदेश दिये हैं कि बैंकों को दृष्टिहीन व्यक्तियों को चेक बुक सुविधा/एटीएम सुविधा तथा लॉकर सुविधा सहित सभी बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए तथा नकद आहरण करने में भी उनकी सहायता करनी चाहिए । उपर्युक्त आदेश के पैरा 14 में माननीय न्यायालय ने यह अभिमत व्यक्त किया कि दृष्टिहीन व्यक्तियों को चेक बुक सुविधा, लॉकर और एटीएम आदि सुविधा प्रदान करने से इसलिए मना नहीं किया जा सकता कि इसके परिचालन/उपयोग करने में जोखिम की संभावना है, क्योंकि जोखिम का तत्व अन्य ग्राहकों के मामले में भी निहित होता है। 3. अतएव, बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे दृष्टिहीन व्यक्तियों को तृतीय पक्ष चेक सहित चेक बुक सुविधा, एटीएम सुविधा, नेट बैंकिंग सुविधा, लॉकर सुविधा, खुदरा ऋण, क्रेडिट कार्ड आदि सुविधाओं जैसी समस्त बैंकिंग सुविधाएं बिना किसी भेदभाव के दिया जाना सुनिश्चित करें । बैंक अपनी शाखाओं को भी सूचित करें कि दृष्टिहीन व्यक्तियों को विभिन्न बैंकिंग सुविधाएँ प्रदान करने में हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
भवदीय |
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