स्वर्ण (धातु) ऋण की अवधि
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आरबीआइ/2006-07/302 अप्रैल 3, 2007 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक महोदय स्वर्ण (धातु) ऋण की अवधि 5 सितंबर 2005 के हमारे परिपत्र बैंपविवि. सं. आइबीडी. बीसी. 33/23.67.001/2005-06 द्वारा यह सूचित किया गया था कि विद्यमान अनुदेशों के अनुसार स्वर्ण आयात के लिए नामित बैंक* देशी आभूषण निर्माताओं को, जो आभूषण के निर्यातक नहीं हैं, उक्त परिपत्र में निर्दिष्ट शर्तों के अधीन स्वर्ण (धातु) ऋण दे सकते हैं । एक शर्त यह थी कि देशी आभूषण निर्माताओं के लिए स्वर्ण ऋण की अवधि 90 दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए । यह भी कहा गया था कि आभूषण निर्माताओं को दिए गए ऋण का अंतिम उपयाग सुनिश्चित किया जाना चाहिए और ‘अपने ग्राहक को जानें’ संबंधी दिशानिर्देशों का पालन होना चाहिए । इस संबंध में, हमें अभ्यावेदन प्राप्त हो रहे हैं कि स्वर्ण ऋण की उपर्युक्त अवधि बढ़ायी जानी चाहिए ताकि देशी आभूषण निर्माताओं की परिवर्तित अपेक्षाओं की पूर्ति की जा सके । हमने इस मामले की जांच की है और यह निर्णय लिया है कि नामित बैंकों को यह अनुमति दी जाए कि वे स्वयं ऐसे स्वर्ण (धातु) ऋणों की अवधि निर्धारित करें - जिन्हें उन्हें देशी आभूषण निर्माताओं, जो आभूषण के निर्यातक नहीं हैं, को देने की अनुमति है - बशर्ते अवधि 180 दिन से अधिक न हो और बैंक की ऋण नीति में अवधि तथा स्वर्ण ऋणों के अंतिम उपयोग की निगरानी के संबंध में बैंक की नीति का उल्लेख हो और उसका कड़ाई से पालन हो । 2. यह सूचित किया जाता है कि प्राप्त अनुभव के आधार पर उपर्युक्त दिशानिर्देशों की समीक्षा की जाएगी । स्वर्ण ऋण के अंतिम उपयोग की निगरानी के संबंध में बैंकों का कार्यनिष्पादन सोने/चांदी के आयात के प्राधिकार के वार्षिक नवीकरण के उनके भावी अनुरोध के संबंध में निर्णय लेने में एक महत्वपूर्ण घटक होगा । 3. इस संबंध में 5 सितंबर 2005 के हमारे परिपत्र बैंपविवि. सं. आइबीडी. बीसी. 33/23.67.001/2005-06 में उल्लिखित सभी अन्य शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी । 4. कृपया प्राप्ति सूचना दें । भवदीय (प्रशांत सरन) *नामित बैंकों की अद्यतन सूची हमारे वेबसाइट पर उपलब्ध है तथा सुलभ संदर्भ के लिए संलग्न है । नामित बैंकों की सूची
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