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समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश्यों की रक्षा (हेजिंग)

भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केद्रीय कार्यालय
मुंबइ


ए.पी(डिआई आर सीरिज) परिपत्र सं.47

दिसंबर 12, 2003

सेवा में

विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी

महोदया/महोदय

समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश्यों की रक्षा (हेजिंग)

यह निर्णय किया गया है कि अब से निवासी संस्थाओं को जिनका समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश है उन्हें ऐसे निवेशों से होने वाली विनिमय जोखिमों की रक्ष की अनुमति दी जाए, तद्नुसार प्राधिकृत व्यापारी इच्छुक निवासियों के साथ जो कि अपने समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेशों (ईक्विटी और ऋण के रूप में) वायदा/विकल्प संविदाएं करने की अनुमति दें बशर्तें कि ऐसे जोखिमों का सत्यापन किया जाए और यह भी कि संविदा को सुपुर्दगी क्षरा देय तिथि पर रोल ओवर क्षरा पूरा किया जाए ।

2. यदि, समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश बाज़ार मूल्य में संकुचन के कारण आंशिक अथवा पूर्ण रूप से समाप्त हो जाता है तो रक्षा मूल्य परिपक्वता तक जारी रखा जा सकता है । देय तिथि पर रोल अबोवर की अनुमति उसी तारीख को बाज़ार मूल्य की सीमा तक दी जाएगी ।

3. प्राधिकृत व्यापारी इस परिपत्र की विशेष व्यवस्था से अपने सभी निर्यातक ग्राहकों को सूचित कर दें और इसका पूरा विवरण एग्ज़िम बैंक के कार्यालय अथवा उसकी वेबसाईट से प्राप्त करने की सूचना दें ।

4. इस परिपत्र में समाहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और धारा 11(1) के अंतर्गत जारी किए गए है ।

भवदीय

ग्रेस कोशी
मुख्य महा प्रबंधक

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