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सेबी के पास पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा इक्विटी शेयरों की शार्ट सेलिंग की अनुमति

आर बी आइ /2007-08 /219
ए.पी. (डी आइ आर सिरीज) परिपत्र सं. 23

दिसंबर 31, 2007

 

सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक
महोदया/ महोदय,

सेबी के पास पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा इक्विटी शेयरों की शार्ट सेलिंग की अनुमति

प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंकों का ध्यान दिसंबर 17, 2003 के ए.पी. (डी आइ आर सिरीज) परिपत्र सं.53 की ओर आकर्षित किया जाता है जिसमें सेबी के पास पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों /विदेशी संस्थागत निवेशकों के सब-एकाउंट्स को भारतीय कंपनियों के इक्विटी शेयर / डिबेंचर खरीदने / बेचने की अनुमति दी गई थी। परिपत्र के अनुलग्नक के पैरा 5 के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक को शार्ट सेलिंग की अनुमति नहीं है और उनसे अपेक्षित है कि वे खरीदी गई प्रतिभूतियों की सुपुर्दगी लें और बेची गई प्रतिभूतियों की सुपुर्दगी दें।

2. भारत सरकार और सेबी के परामर्श से अब यह निर्णय लिया गया है कि सेबी के पास पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों और विदेशी संस्थागत निवेशकों के सब-एकाउंट्स को भारतीय कंपनियों के इक्विटी शेयर की शॉर्ट सेलिंग, उधार देने (लेंडिंग) और उधार लेने (बारोविंग) की अनुमति दी जाए। भारतीय कंपनियों के इक्विटी शेयरों की शार्ट सेलिंग, लेंडिंग और बारोविंग समय-समय पर रिज़र्व बैंक और सेबी / अन्य विनियामक एजेंसियों द्वारा इस संबंध में यथानिर्धारित शर्तों के अधीन होगी।

3. उपर्युक्त अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अधीन है:

( i ) इक्विटी शेयरों की शार्ट सेलिंग और बारोविंग / लेंडिंग में विदेशी संस्थागत निवेशकों की सहभागिता चालू विदेशी प्रत्यक्ष निवेश नीति के अधीन होगी तथा उन इक्विटी शेयरों के लिए , विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा इक्विटी शेयरों की शार्ट सेलिंग को, अनुमति नहीं दी जाएगी जो रिज़र्व बैंक के प्रतिबंधित सूची और /अथवा सतर्कता सूची में हैं।

( ii ) विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा इक्विटी शेयर के उधार केवल शार्ट सेल में सुपुर्दगी के लिए होगा।

(iii) विदेशी संस्थागत निवेशक केवल नकदी रूप में मार्जिन / कोलैटेरल रखेंगे। ऐसे मार्जिन / कोलैटेरल राशि पर विदेशी संस्थागत निवेशक को कोई ब्याज अदा नहीं किया जाएगा।

4. रिज़र्व बैंक द्वारा निगरानी के प्रयोजन के लिए नामित कस्टोडियन बैंक उपयुक्त टिप्पणी के साथ (शार्ट सेल किए गए / उधार दिए गए / उधार लिए गए इक्विटी शेयर ) अपने दैनिक रिपोर्टिंग में

विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा इक्विटी शेयरों के शार्ट सेलिंग और इक्विटी शेयर के उधार लेने और उधार देने संबंधी सभी लेनदेनों की अलग से रिपोर्टिंग करेंगे।

5. विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2000 ( मई 3, 2000 की अधिस्चना सं. फेमा 20 / 2000 आर बी) में आवश्यक संशोधन अलग से जारी किए जा रहे हैं।

6. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक इस परिपत्र की विषय वस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत करा दें।

7. इस परिपत्र में समाहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 10 (4) और धारा 11 (1) के अंतर्गत जारी किए गए हैं और अन्य किसी कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति / अनुमोदन , यदि कोई हो, पर प्रभाव डाले बगैर है।

भवदीय

(सलीम गंगाधरन)
मुख्य महा प्रबंधक

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