बैंकों द्वारा उनके विदेश स्थित केंद्रों पर संपत्ति की खरीद और बिक्री तथा पट्टे/किराए के आधार पर संपत्ति का अधिग्रहण करने/किराए पर देने के लिए नीति
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आरबीआई/2013-14/559 09 अप्रैल 2014 सभी अनुसूचित वाणिज्यि बैंक जिनके कार्यालय विदेश में हैं महोदय बैंकों द्वारा उनके विदेश स्थित केंद्रों पर संपत्ति की खरीद और बिक्री तथा यह हमारे ध्यान में आया है कि विदेशों में कुछ स्थानों पर स्थावर संपदा की खरीद/बिक्री करने तथा पट्टे/किराए के आधार पर संपत्ति का अधिग्रहण करने/किराए पर देने में भारतीय बैंकों ने कुछ चूकें की हैं। भविष्य में ऐसी चूकों से बचने के लिए यह सूचित किया जाता है कि बैंकों के निदेशक मंडलों को अपने बैंक के हितों की रक्षा करने हेतु नीति निर्धारण करना चाहिए तथा विस्तृत परिचालनगत दिशानिर्देश बनाना चाहिए। यह नीति/दिशानिर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 तथा अन्य संबंधित भारतीय कानूनों के अनुरूप होना चाहिए। नीति में अन्य बातों के साथ-साथ किराए/पट्टे के आधार पर परिसर का अधिग्रहण करने/किराए पर देने के करारों में उचित निकास शर्त (exit clause) होनी चाहिए। 2. विदेश स्थित केंद्रों में संपत्ति की बिक्री और खरीद तथा पट्टे/किराए के आधार पर संपत्ति का अधिग्रहण करने/किराए पर देने के स्वरूप के लेनदेन करते समय बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे मेजबान देश/शहर या इलाके के सभी लागू कानूनों का पालन करते हैं। 3. बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में विदेश स्थित केंद्रों में स्थावर संपदा की खरीद/बिक्री तथा पट्टे/किराए के आधार पर संपत्ति का अधिग्रहण करने/किराए पर देने बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के आधार पर ही किया जाता है। भवदीय (राजेश वर्मा) |
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