वर्ष 2007-08 के लिए वार्षिक नीति वक्तव्य -शहरी सहकारी बैंकों के लिए शाखा लाइसेंसीकरण में छूट
आर बी आई/ 2007-08/79 4 जुलाई 2007 मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय / महोदया वर्ष 2007-08 के लिए वार्षिक नीति वक्तव्य -शहरी सहकारी बैंकों के लिए शाखा लाइसेंसीकरण में छूट कृपया वार्षिक नीति वक्तव्य 2007-08 का पैरा 208 (प्रति संलग्न) देखें — 2. जैसा कि उक्त पैरा में घोषणा की गई है, यह निर्णय लिया गया है कि शहरी सहकारी बैंकों को नई शाखाएँ / विस्तार पटल खोलने की अनुमति दी जाए — नई शाखाएं / विस्तार पटल खोलने के लाइसेंसों के लिए पात्रता संबंधी मानदंड निम्नवत होंगे : (क) बैंक को उन राज्यों के सहकारी सोसायटियां अधिनियम के तहत पंजीकृत होना चाहिए जिन्होंने भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं या फिर उन्हें बहु-राज्यीय सहकारी सोसायटियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत होना चाहिए — (ख) बैंक को लाइसेंसीकृत होना चाहिए तथा उसके निर्वाचित निदेशक मंडल में कम से कम दो व्यावसायिक निदेशक होने चाहिए — (ग) यदि पर्यवेक्षण की दृष्टि से सुविधाजनक हो तो बैंक को परस्पर भिन्न निम्नलिखित कार्य-निष्पादन / वित्तीय मानदंडो का अनुपालन करना चाहिए :
3. उपर्युक्त मानदंडों को पूरा करने वाले बैंक अतिरिक्त शाखाएं / विस्तार पटल खोलने के पात्र होंगे बशर्ते उनकी संख्या अगले दो वर्षो में मौजूदा शाखा नेटवर्क के 10% से अधिक न हो — 4. मौजूदा समय में जो ग्रेड II,III,IV में वर्गीकृत नहीं किए गए हैं उन अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों को भारतीय रिज़र्व बैंक से पूर्वानुमोदन लिए बग़ैर विस्तार पटल खोलने तथा तीन वर्ष पूरा करने के बाद शाखाओं के रूप में उनका स्तरोन्नयन करने की अनुमति दी गई है — अब बनाई गई नीति को ध्यान में रखते हुए विस्तार पटल खोलने के लिए सभी बैंकों द्वारा पूर्व प्राधिकार प्राप्त करना अनिवार्य होगा — 5. पात्र शहरी सहकारी बैंक शाखा / विस्तार पटल खोलने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने का आवेदन अनुबंध II में दिए गए प्रारूप में संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं जिसके साथ इससे संबंधित निदेशक मंडल के नोट एवं प्रस्ताव की प्रति भी संलग्न होनी चाहिए — भवदीय (एन. एस. विश्वनाथन) (क) शहरी सहकारी बैंको की शाखाओं का लाइसेंसीकरण 208. मई 2004 के वार्षिक नीति वक्तव्य में यह कहा गया था कि शहरी सहकारी बैंकों को नए लाइसेंस जारी करने पर तभी विचार किया जायेगा जब तक कि शहरी सहकारी बैंकों पर इस क्षेत्र के लिए एक यथोचित विधिक और विनियामक ढांचे सहित एक व्यापक नीति बनाई नहीं जाती है और शहरी सहकारी बैंक क्षेत्र की वित्तीय सुदृढ़ता में सुधार लाने के लिए एक नीति बनाई नहीं जाती है — उसके अनुक्रम में नई शाखाएं खोलने के लिए लाइसेंसों की मंजूरी को भी रोक दिया गया था — शहरी सहकारी बैंक क्षेत्र की सकारात्मक गतिविधियों को देखते हुए यह प्रस्ताव है कि :
अतिरिक्त शाखा / विस्तार पटल लाइसेंस के लिए आवेदन का प्रारूप
क) जमाराशि ख) अग्रिम प्ले हो रहा है
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