भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर सर्वेक्षण पर कार्यदल की रिपोर्ट जनता के अभिमतों के लिए रखी
25 अगस्त 2009 भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर सर्वेक्षण पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आयोजित विभिन्न सर्वेक्षणों का मूल्यांकन करने के बाद सर्वेक्षणों पर भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यदल (अध्यक्ष श्री दीपक मोहंती, कार्यपाल निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक) ने सर्वेक्षणों के परिणामों को जनता के बीच प्रचार-प्रसार के लिए रखा और मौद्रिक नीति तैयार करने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए कुछ नये सर्वेक्षणों की पहचान की। वर्तमान और नए सर्वेक्षणों पर कार्यदल की प्रमुख सिफारिशें निम्नानुसार हैं: वर्तमान सर्वेक्षण • भारतीय रिज़र्व बैंक बुलेटिन में एकबारगी तौर पर लेख के रूप में औद्योगिक दृष्टिकोण सर्वेक्षण के परिणामों को जारी करना और उसके बाद उसे नियमित जारी करना। • चूँकि मुद्रास्फीति अपेक्षाओं का सर्वेक्षण के आँकड़ों की गुणवत्ता स्थिर हुई है मौद्रिक नीति पर तकनीकी परामर्शदात्री समिति (टीएसी) सर्वेक्षण को सार्वजनिक डोमेन पर रखने और सर्वेक्षण में अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करने पर विचार कर सकती है। • चूँकि माल-सूची, आदेश बहियों और क्षमता उपयोगिता के सर्वेक्षण का दायरा व्यापक है इस सर्वेक्षण की समय-सूचकता में और अधिक सुधार करना होगा और इनके परिणामों को सार्वजनिक डोमेन पर रखा जाना चाहिए। • भारतीय रिज़र्व बैंक को स्थावर संपदा मूल्यों पर संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए एक आस्ति मूल्य निगरानी प्रणाली तुरंत गठित करनी चाहिए। • आवासिय शुरुआती सूचकांक का समेकन जो कि आर्थिक क्रियाकलापों का एक महत्त्वपूर्ण अग्रणी संकेतक है को त्वरीत शुरू करना चाहिए। • मूलभूत सांख्यिकीय विवरणियों (बीएसआर) प्रणाली की समीक्षा जो कि बैंकिंग पर लेनदेन आँकड़े उपलब्ध कराती हैं, के बीएसआर 1, 2, 4, 5 और 6 पर आधारित सभी प्रकाशनों को संदर्भित अवधि के एक वर्ष के भीतर प्रकाशित करनी चाहिए। नये सर्वेक्षण • भारतीय रिज़र्व बैंक को एक उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण शुरू करना चाहिए क्योंकि आर्थिक और व्यक्तिगत स्थिति पर घरेलू विश्वास में परिवर्तन का असर वास्तविक आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। • अंतर्राष्ट्रीय अनुभव को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक को वाणिज्यिक बैंकों के बड़े उधारकर्ताओं को शामिल करने के लिए त्रैमासिक आधार पर ऋण परिस्थिति सर्वेक्षण करना चाहिए। • शुरुआत में व्यापार क्षेत्र पर अधिक ध्यान देते हुए सेवा क्षेत्रों के लिए कारोबारी दृष्टिकोण सर्वेक्षण करना चाहिए। • भारतीय रिज़र्व बैंक को राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के साथ मिलकर बारंबार आधार पर ग्रामीण और शहरी ऋणग्रस्तता में परिवर्तनों का आकलन करने के लिए अखिल भारतीय ऋण और निवेश सर्वेक्षण (एआइडीआइएस) की तर्ज पर छोटे-नमूना सर्वेक्षण करने की संभावना का पता लगाना चाहिए। यह रिपोर्ट को व्यापक प्रचार-प्रसार और अभिमत के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट www.rbi.org.in पर रखी गई है। कृपया अपने अभिमत निदेशक, सर्वेक्षण प्रभाग, सांख्यिकी और सूचना प्रबंध विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, सी-8/9, बांद्रा-कुर्ला संकुल, मुंबई-400051 पर डाक से अथवा 022-26571555 पर फैक्स द्वारा अथवा इ-मेल करें। वर्तमान में रिज़र्व बैंक त्रैमासिक आधार पर निम्नलिखित प्रमुख सर्वेक्षण का आयोजन करता रहा है जिनके परिणामों का प्रयोग नीति के प्रयोजनों के लिए किया जाता है: (i) औद्योगिकी दृष्टिकोण सर्वेक्षण, (ii) घरेलू मुद्रास्फीति अपेक्षाओं पर सर्वेक्षण, (iii) व्यावसायिक पूर्वानुमानकर्ताओं पर सर्वेक्षण; और (iv) माल-सूची, आदेश पुस्तिकाओं और क्षमता उपयोगिता पर सर्वेक्षण है। अजित प्रसाद प्रेस प्रकाशनी : 2009-2010/307 |
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