रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर सं. 01/2020 उभरती अर्थव्यवस्थाओं में विनिमय दर पास थ्रू
| 2 जनवरी 2020 रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर सं. 01/2020 भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर भारतीय रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर श्रृंखला* के अंतर्गत “उभरती अर्थव्यवस्थाओं में विनिमय दर पास थ्रू” शीर्षक से वर्किंग पेपर प्रकाशित किया। इस पेपर के सह-लेखक है माइकल देवव्रत पात्र, जीवन कुमार खुंदराकपम और जॉयस जॉन। यह पेपर 17 उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं (ईएमई) के पैनल के लिए घरेलू कीमतों और बाहरी लागत चरों, विनिमय दर की संभावित समरूपता; गैर-रैखिकता और विषमता की लंबी अवधि की गतिशीलता को नियंत्रित करने के बाद; उपभोक्ता मुद्रास्फीति के माध्यम से विनिमय दर पास थ्रू (ईआरपीटी) के अनुमान प्रदान करता है। ये अनुमान उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक नीति प्राधिकारियों के लिए आयातित कीमतों के माध्यम से घरेलू मुद्रास्फीति में अंतरित किए जाने वाले बहिर्वाह मूल्य झटकों को ठीक करने के लिए उपयोगी गाइडपोस्ट हैं । पेपर यह भी बताता है कि ईएमई में ईआरपीटी मूल्यवर्धन के लिए मूल्यह्रास से अधिक और गैर-रैखिक के लिए आकार के अनुसार असममित है, यहां तक कि वैश्विक मुद्रास्फीति संकट के बाद के वर्षों में इन देशों की घरेलू मुद्रास्फीति के लिए विनिमय दर पास थ्रू में कमी आ रही है। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी: 2019-2020/1593 * रिज़र्व बैंक ने आरबीआई वर्किंग पेपर श्रृंखला की शुरुआत मार्च 2011 में की थी। ये पेपर रिज़र्व बैंक के स्टाफ सदस्यों द्वारा किए जा रहे अनुसंधान प्रस्तुत करते हैं और अभिमत प्राप्त करने और इस पर अधिक चर्चा के लिए इन्हें प्रसारित किया जाता है। इन पेपरों में व्यक्त विचार लेखकों के होते हैं, भारतीय रिज़र्व बैंक के नहीं होते हैं। अभिमत और टिप्पणियां कृपया लेखकों को भेजी जाएं। इन पेपरों के उद्धरण और उपयोग में इनके अनंतिम स्वरूप का ध्यान रखा जाए। |
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