भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश – संस्था के बहिर्नियम (Memorandum of Association) (MoA) के तहत भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति को शेयरों का आबंटन – कीमत निर्धारण संबंधी दिशानिर्देश
भारिबैंक/2012-13/223 26 सितंबर 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश – संस्था के बहिर्नियम (Memorandum of Association) (MoA) प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंकों का ध्यान, समय-समय पर, यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 20/2000-आरबी के जरिये अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथव निर्गम) विनियमावली, 2000 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. उल्लिखित अधिसूचना के विनियम 5 के उप-विनियम (1) के अनुसार, भारत से बाहर का निवासी व्यक्ति अथवा भारत से बाहर निगमित संस्था प्रत्यक्ष विदेशी निवेश योजना के तहत, उल्लिखित अधिसूचना की अनुसूची 1 के पैराग्राफ 5 में विनिर्दिष्ट निर्गम कीमत के अनुपालन की शर्त के तहत किसी भारतीय कंपनी के शेयरों अथवा परिवर्तनीय डिबेंचरों की खरीद कर सकता/सकती है । 3. यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे मामलों में, जहाँ अनिवासी (अनिवासी भारतीयों सहित) कंपनी अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के अनुपालन के अधीन, संस्था के बहिर्नियम के मार्फत अभिदान के रूप में किसी भारतीय कंपनी में निवेश करते हैं, ऐसे निवेश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश योजना के तहत निवेश के लिए उनकी पात्रता की शर्त के अंतर्गत अंकित मूल्य पर किए जा सकते हैं । 4. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक इस परिपत्र की विषय वस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत कराने का कष्ट करें। 5. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और धारा 11 (1) के अधीन और अन्य किसी कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर जारी किए गए हैं । भवदीय, (रुद्र नारायण कर) |
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