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फेमा 1999 के तहत विदेशी देयताओं और परिसंपत्तियों (एफएलए) पर वार्षिक रिटर्न

disclimer-img अस्वीकारण : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न तथा फेमा अधिसूचना (अधिसूचनाओं)/ मास्टर निदेश(निदेशों)/ ए.पी. डीआईआर परिपत्र (परीपत्रों) के बीच किसी प्रकार की असंगति (असंगतियाँ) होने की स्थिति में परवर्ती को सही माना जाएगा।

सामान्य निर्देश

विदेशी देयताओं और परिसंपत्तियों पर वार्षिक रिटर्न (एफएलए) को फेमा 1999 (ए.पी. (डीआईआर सीरीज) दिनांक 15 मार्च, 2011 के परिपत्र संख्या 45) के तहत अधिसूचित किया गया है और इसे सभी भारतीय-निवासी कंपनियों/एलएलपी/अन्य [(सेबी पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ), साझेदारी फर्म, सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) सहित) (इसके बाद 'इकाईयों' के रूप में संदर्भित) जिन्होंने पिछले किसी भी वर्ष चालू वर्ष सहित, में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त किया है और/या विदेशी निवेश किया है, द्वारा प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।

रिज़र्व बैंक अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा आयोजित समन्वित प्रत्यक्ष निवेश सर्वेक्षण (सीडीआईएस) और समन्वित पोर्टफोलियो निवेश सर्वेक्षण (सीपीआईएस) में भाग लेता है। यहां इन संस्थाओं के पिछले वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष) के मार्च के अंत और नवीनतम वित्तीय वर्ष के मार्च के अंत में विदेशी वित्तीय देयताओं और परिसंपत्तियों की स्थिति से संबंधित एफएलए रिटर्न से एकत्र की गई समेकित जानकारी की सूचना दी जाती है। इस जानकारी का उपयोग भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) और अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति (आईआईपी) के संकलन में भी किया जाता है।

गोपनीय धाराएँ

एफएलए रिटर्न के तहत एकत्र की गई इकाई-वार जानकारी को गोपनीय रखा जाता है और रिज़र्व बैंक द्वारा केवल समेकित समुच्चय ही जारी किए जाते हैं।

एफएलए रिटर्न जमा करने के लिए पात्र संस्थाएं और आवश्यकताएं

उत्तर: विदेशी देयताओं और परिसंपत्तियों (एफएलए) पर वार्षिक रिटर्न को निम्नलिखित इकाईयों, जिन्होंने पिछले वर्ष (ओं) में वर्तमान वर्ष सहित एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) प्राप्त किया है और/या विदेश में एफडीआई (अर्थात विदेशी निवेश) किया है, यानि जो अपनी तुलन पत्र में विदेशी संपत्ति या/और देनदारियां रखते हैं, द्वारा प्रस्तुत करना आवश्यक है;

  • कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 1(4) के तहत एक कंपनी।

  • सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के तहत पंजीकृत एक सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी)।

  • अन्य [सेबी पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ), भागीदारी फर्म, सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) आदि शामिल हैं।]

उत्तर: प्रश्न 1 में उल्लिखित मानदंड का अनुपालन करने वाली इकाईयों को अनिवार्य रूप से प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई तक इकाई के लेखापरीक्षित/अलेखा-परीक्षित खातों के आधार पर फेमा 1999 के तहत एफ़एलए रिटर्न जमा करना आवश्यक है।

उत्तर: नियत तारीख (प्रत्येक वर्ष की 15 जुलाई) को या उससे पहले रिटर्न दाखिल न करने को फेमा का उल्लंघन माना जाएगा और फेमा के उल्लंघन के लिए जुर्माना खंड लगाया जा सकता है। जुर्माना खंड के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया नीचे दिए गए लिंक को देखें:

  1. Notification No. FEMA. 395/2019-RB dated October 17, 2019.

  2. A.P. (DIR Series) Circular No.16 dated September 30, 2022.

उत्तर: इकाईयों को नियत तारीख के भीतर अनिवार्य रूप से एफएलए रिटर्न भरना चाहिए। यदि इकाईयों के पास अपनी लेखापरीक्षित तुलन पत्र तैयार नहीं है, तो वे अनंतिम/अनअंकेक्षित संख्याओं के साथ रिटर्न भर सकते हैं। इसके बाद, जब अंकेक्षित संख्याएं तैयार हो जाए तो, आरबीआई को पहले से दाखिल रिटर्न में संशोधन के लिए अनुरोध किया जाना चाहिए। एक बार आरबीआई द्वारा अनुरोध अनुमोदित होने के बाद, आप पहले से दाखिल रिटर्न को लेखापरीक्षित किए गए नंबरों के साथ संशोधित कर सकते हैं और इसे आरबीआई को फिर से जमा कर सकते हैं।

उत्तर: नहीं, इकाई लेखा बंद करने की अवधि यदि यह मार्च क्लोजिंग से भिन्न है के अनुसार सूचना की रिपोर्ट नहीं कर सकती। इकाई के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर सूचना को केवल संदर्भित अवधि अर्थात पिछले मार्च और नवीनतम मार्च के लिए रिपोर्ट किया जाना चाहिए।

उत्तर: हां, इकाईयां आरबीआई से मंजूरी लेकर, नियत तारीख के बाद भी एफएलए रिटर्न भर सकती हैं। लेकिन उस मामले में, देर से जमा करने के लिए इकाई पर जुर्माना खंड लागू किया जा सकता है।

उत्तर: हां, इकाईयां आरबीआई से मंजूरी लेकर, नियत तारीख के बाद भी एफएलए रिटर्न भर सकती हैं। लेकिन उस मामले में, देर से जमा करने के लिए इकाई पर जुर्माना खंड लागू किया जा सकता है।

उत्तर: हां, इकाईयां आरबीआई से मंजूरी लेने के बाद पहले से जमा किए गए एफएलए रिटर्न को संशोधित कर सकती हैं।

उत्तर: यदि भारतीय इकाई के पास रिपोर्टिंग वर्ष के मार्च अंत तक आवक और जावक एफडीआई के संबंध में कोई बकाया निवेश नहीं है तो उन्हें एफएलए रिटर्न जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

उत्तर: यदि किसी इकाई को केवल शेयर आवेदन की राशि प्राप्त हुई है और नवीनतम वित्तीय वर्ष के मार्च अंत तक कोई विदेशी प्रत्यक्ष निवेश या ओवरसीज़ प्रत्यक्ष निवेश बकाया नहीं है तो उसे एफएलए रिटर्न भरने की आवश्यकता नहीं है।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 10, 2022

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