RbiSearchHeader

Press escape key to go back

पिछली खोज

पृष्ठ
भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट

Notification Marquee

आरबीआई की घोषणाएं
आरबीआई की घोषणाएं

असेट प्रकाशक

133546846

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि कासरगोड को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, कासरगोड, केरल पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 7 अगस्त 2025 के आदेश द्वारा दि कासरगोड को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, कासरगोड, केरल (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एकल और समूह उधारकर्ताओं/ पार्टियों और बड़े एक्सपोज़रों के लिए एक्सपोज़र सीमा तथा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार हेतु लक्ष्य में संशोधन - यूसीबी', 'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए व्यापक साइबर सुरक्षा ढांचा' और 'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए बुनियादी साइबर सुरक्षा ढांचा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.00 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।       

31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों तथा उससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है: 
बैंक ने:

  1. आपस में जुड़े हुए कतिपय उधारकर्ताओं को लागू समूह एक्सपोज़र सीमा से अधिक ऋण और अग्रिम स्वीकृत किए; और
  2. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित साइबर सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत कतिपय साइबर सुरक्षा नियंत्रण उपायों और आवश्यकताओं को लागू नहीं किया।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

 

 

(पुनीत पंचोली)  
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/886

RbiTtsCommonUtility

प्ले हो रहा है
सुनें

आरबीआई-इंस्टॉल-आरबीआई-सामग्री-वैश्विक

RbiSocialMediaUtility

आरबीआई मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करें और लेटेस्ट न्यूज़ का तुरंत एक्सेस पाएं!

हमारा ऐप इंस्टॉल करने के लिए QR कोड स्कैन करें

RbiWasItHelpfulUtility

पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया:

क्या यह पेज उपयोगी था?