ऋण आसूचना कंपनी विनियमावली, (क्रेडिट इन्फार्मेशन कंपनीज़ रेगुलेशन्स) 2006 के विनियम 5(1) (बी) में संशोधन
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अधिसूचना बैंपविवि.सं.डीएल. बीसी 49/20.16.040/2009-10 23 अक्तूबर 2009 ऋण आसूचना कंपनी विनियमावली, (क्रेडिट इन्फार्मेशन कंपनीज़ रेगुलेशन्स) ऋण आसूचना कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 (इसे यहां आगे अधिनियम कहा गया है) की धारा 37 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, तथा इस बात से संतुष्ट होते हुए कि ऐसा करना अधिनियम के प्रयोजनों के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक तथा जनहित में समीचीन है, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद् द्वारा ऋण आसूचना कंपनी विनियमावली, 2006 में निम्नानुसार संशोधन करता है विनियमन 5, में उप-विनियम 1 में विद्यमन खंड (बी) के लिए निम्नलिखित को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :- ‘‘(बी) प्रदान किए गए समय के भीतर कंपनी द्वारा ऐसी शर्तों को पूरा न कर सकने के कारण से संतुष्ट होने पर, भारतीय रिज़र्व बैंक ‘सैद्धांतिक अनुमोदन’ में निर्धारित शर्तों को पूरा करने के प्रयोजन के लिए एक बार में तीन महीनों से अनधिक अवधि का और समय प्रदान कर सकता है । बशर्ते, इस प्रकार बढ़ाए गए समय की कुल अवधि बारह महीने से अधिक नहीं होगी।’’ यह संशोधन तत्काल लागू होगा । (आनंद सिन्हा) |
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