बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि ‘अपने ग्राहक को जानिए’ (केवाईसी) पर मास्टर निदेश में कतिपय संशोधन किए जाएं। अधिसूचित किए जा रहे दो मुख्य परिवर्तन निम्नानुसार हैं:
यह निर्णय लिया गया है कि कतिपय प्रतिबंधों के अधीन वन टाइम पिन (ओटीपी) आधारित ई-केवाईसी की अनुमति दी जाए।
सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से अपेक्षित है कि वे 1 जनवरी 2017 को या उसके बाद खोले गए सभी नए वैयक्तिक खातों से संबंधित केवाईसी डेटा को अनिवार्य रूप से केंद्रीय केवाईसी रिकार्ड रजिस्ट्री में अपलोड करें। तथापि, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को जनवरी 2017 के दौरान खोले गए खातों के संबंध में केवाईसी डेटा को अपलोड करने के लिए 1 फरवरी 2017 तक का समय दिया जाता है। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को छोड़कर अन्य विनियमित संस्थाएं 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद खोले गए सभी नए वैयक्तिक खातों से संबंधित केवाईसी डेटा केंद्रीय केवाईसी रिकार्ड रजिस्ट्री में अपलोड करें।
उपर्युक्त के अलावा, मौजूदा अनुदेशों के संबंध में कतिपय अन्य आशोधनों/स्पष्टीकरणों को भी 8 दिसंबर 2016 की अधिसूचना सं. बैंविवि. एएमएल. बीसी.सं.18/14.01.001/2016-17 के अनुसार अधिसूचना में शामिल किया गया है।
भवदीया
(लिलि वडेरा)
मुख्य महाप्रबंधक
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