भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना
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आरबीआइ / 2008-09/214 10 अक्तूबर 2008 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक महोदय भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना कृपया उपर्युक्त विषय पर 6 अक्तूबर 2008 का हमारा परिपत्र बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 52/ 12.01.001/2008-2009 देखें, जिसके द्वारा 11 अक्तूबर 2008 से आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) में 50 आधार अंकों की कटौती करते हुए उसे निवल मांग और मीयादी देयताओं के 9.00 प्रतिशत से घटाकर 8.50 प्रतिशत करने की सूचना दी गयी थी।
2. विश्व में और देश में घटी घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में उभरती चलनिधि परिस्थिति की समीक्षा करने पर तथा आज की भारतीय रिज़र्व बैंक प्रेस प्रकाशनी 2008-09/467 में निर्धारित किए गए अनुसार यह निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के लिए आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) में 11 अक्तूबर 2008 से आरंभ होनेवाले पखवाड़े से 50 आधार अंक (9.00 प्रतिशत से 8.50 प्रतिशत) की कटौती के बजाय 150 आधार अंक की कटौती करते हुए उसे उनकी निवल मांग और मीयादी देयताओं के 9.00 प्रतिशत से 7.50 प्रतिशत कर दिया जाए । 3. 10 अक्तूबर 2008 की इससे संबंधित अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 54/ 12.01.001/2008-09 की एक प्रतिलिपि संलग्न है । 4. कृपया प्राप्ति-सूचना दें । भवदीय (विनय बैजल) बैंपविवि. सं. आरईटी बीसी. 54/12.01.001/2008-2009 10 अक्तूबर 2008 अधिसूचना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा 6 अक्तूबर 2008 की पूर्व अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी बीसी. 51/ 12.01.001/2008-2009 का अधिक्रमण करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतदद्वारा अधिसूचित करता है कि 11 अक्तूबर 2008 से आरंभ होनेवाले पखवाड़े से प्रत्येक अनुसूचित वाणिज्य बैंक द्वारा बनाये रखा जाने वाला औसत आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) 150 आधार अंक घटाया जाएगा और वह उनकी निवल मांग और मीयादी देयताओं का 7.50 प्रतिशत होगा। (आनंद सिन्हा) |
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