प्रतिष्ठा धारक निर्यातकों के लिए ईईएफसी खाता में जमा करना
भारतीय रिज़र्व बैंक ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 34 1 अप्रैल 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया प्रतिष्ठा धारक निर्यातकों के लिए ईईएफसी खाता में जमा करना प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान भारत में निवासियों को प्राधिकृत व्यापारी के पास विदेशी मुद्रा अर्जक विदेशी करेन्सी (ईईएफसी) खाता बनाये रखने की अनुमति देनेवाली 3 मई 2000 की रिज़र्व बैंक की अधिसूचना सं.फेमा 10/2000-आरबी के साथ संलग्न अनुसूची में अन्तर्विष्ट उपबंधो की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. अब यह निर्णय किया गया है कि प्रमाणित ट्रैक रिकार्ड के साथ निर्यातकों, जो एक्ज़िम नीति के अनुसार प्रतिष्ठा धारक निर्यातकों के रुप में घोषित है उन्हें विदेशी मुद्रा के उनके वांछनीय प्राप्तियों का सौ प्रतिशत तक की राशि उनके विदेशी मुद्रा अर्जक (ईईएफसी) खाते में जमा करने की अनुमति दी जाये। 3. यह स्पष्ट किया जाता है कि 1 अप्रैल 2002 तक अथवा उसके बाद निर्यातकों द्वारा प्राप्त विदेशी मुद्रा के संबंध में सुविधा अगली सूचना तक उपलब्ध होगी। 4. विदेशी मुद्रा प्रबंध विनियमावली में आवश्यक संशोधन अलग से अधिसूचित किये जा रहे है। 5. प्राधिकृत व्यापारी इस परिपत्र की विषय-वस्तु से अपने संबंधित ग्राहकों को अवगत कराये। 6. इस परिपत्र में अन्तर्विष्ट निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और धारा 11(1) के अधीन जारी किए गए है। भवदीय ग्रेस कोशी |
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