विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) विनियमावली, 2019 (15 जनवरी 2025 तक संशोधित) - आरबीआई - Reserve Bank of India
विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) विनियमावली, 2019 (15 जनवरी 2025 तक संशोधित)
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिसूचना सं.फेमा.395/2019-आरबी 17 अक्तूबर 2019 विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) विनियमावली, 2019 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा-47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा विदेशी मुद्रा प्रबंध (गैर-कर्ज़ लिखत) नियमावली, 2019 के परिणामस्वरूप भारतीय रिज़र्व बैंक, भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा भारत में किए जाने वाले निवेश के लिए उपयोग में लाए जाने वाले भुगतान माध्यम तथा रिपोर्टिंग अपेक्षाओं के संबंध में निम्नलिखित विनियमावली बनाता है, अर्थात: 1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ:- ए) यह विनियमावली विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) विनियमावली, 2019 कहलाएगी। बी) यह विनियमावली भारत के सरकारी राजपत्र में उसके प्रकाशन की तारीख से लागू होगी । 2. परिभाषाएँ इन विनियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो: ए) "अधिनियम" का तात्पर्य विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) से है; बी) “नियमों” का तात्पर्य विदेशी मुद्रा प्रबंध (गैर-कर्ज़ लिखत) नियमावली, 2019 से है; सी) इस विनियमावली में प्रयुक्त किंतु अलग से परिभाषित न किए गए शब्दों और अभिव्यक्तियों के अर्थ क्रमश: वही होंगे जो संबन्धित अधिनियम अथवा नियमों में उन्हें दिये गए हैं। 3. भुगतान माध्यम एवं बिक्रीगत आय का विप्रेषण : 3.1
3.2 किसी भारतीय स्टार्ट-अप कंपनी द्वारा परिवर्तनीय नोटों का निर्गम: कोई स्टार्ट-अप कंपनी, जो भारत से बाहर के निवासी किसी व्यक्ति को परिवर्तनीय नोट निर्गमित करती है, वह प्रतिफल राशि बैंकिंग चैनलों के माध्यम से आवक विप्रेषण के रूप में अथवा संबंधित व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसरण में बनाए रखे गए 18किसी प्रत्यावर्तनीय विदेशी मुद्रा या रुपया खाते से डेबिट के माध्यम से प्राप्त कर सकती है। पुनर्भुगतान अथवा बिक्री पर प्राप्त आय को भारत से बाहर विप्रेषित किया जा सकता है अथवा उसे विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसरण में संबंधित व्यक्ति द्वारा रखे गए किसी प्रत्यावर्तनीय विदेशी मुद्रा या रुपया खाते में जमा किया जा सकता है। 19स्पष्टीकरण: इस विनियमावली के प्रयोजन हेतु, "बैंकिंग चैनलों" के अंतर्गत विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते सहित ऐसा कोई भी रुपया वोस्ट्रो खाता शामिल होगा, जिसे रखने की अनुमति भारत के बाहर निवासी व्यक्ति को विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के विनियम 7 (1) में दी गयी है। 4. रिपोर्टिंग संबंधी अपेक्षाएँ भारत के बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा भारत में किए गए किसी भी प्रकार के निवेश के संबंध में रिपोर्टिंग अपेक्षाएँ निम्नानुसार होंगी : (1) फॉर्म विदेशी मुद्रा – सकल अनंतिम विवरणी (एफसी-जीपीआर): कोई भारतीय कंपनी, जो भारत के बाहर के निवासी किसी व्यक्ति को इक्विटी लिखतें जारी करती है, और जहां इस प्रकार के निर्गम को नियमावली के तहत परिभाषित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाता है, तो इस प्रकार के निर्गम को इक्विटी लिखत जारी किए जाने की तारीख से अधिकतम तीस दिनों के भीतर फॉर्म एफसी-जीपीआर में रिपोर्ट किया जाए। तेल क्षेत्रों में जारी किए जाने वाले “सहभागिता-हितों / राइट्स” संबंधी निर्गमों की रिपोर्टिंग भी फॉर्म एफसी-जीपीआर में की जाए । (2) विदेशी देयताओं व आस्तियों (एफएलए) पर वार्षिक विवरणी: कोई भारतीय कंपनी, जिसने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया है, अथवा कोई सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी), जिसने मौजूदा वर्ष सहित पिछले वर्ष में अपनी पूंजी में अंशदान के माध्यम से निवेश प्राप्त किया है, वह प्रत्येक वर्ष के जुलाई माह की 15 तारीख को अथवा इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक को फॉर्म-एफएलए प्रस्तुत करें । स्पष्टीकरण : इस प्रयोजन हेतु वर्ष अप्रैल से मार्च तक माना जाएगा । (3) फॉर्म विदेशी मुद्रा – शेयरों का अंतरण (एफसी-टीआरएस): (ए) फॉर्म एफसीटीआरएस को नियमावली के अनुसरण में इक्विटी लिखतों के निम्नलिखित व्यक्तियों (संस्थाओं) के बीच किए जाने वाले अंतरण हेतु दायर किया जाएगा :
रिपोर्टिंग का दायित्व निवासी अंतरणकर्ता / अंतरिती पर अथवा भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति, जो गैर-प्रत्यावर्तनीय आधार पर इक्विटी लिखत धारित करता हो, जैसा भी मामला हो, पर होगा । टिप्पणी : गैर-प्रत्यावर्तनीय आधार पर इक्विटी लिखतें धारित करने वाले भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति तथा भारत के निवासी व्यक्ति के बीच नियमावली के अनुसरण में बिक्री के माध्यम से किए गए इक्विटी लिखतों के अंतरण को फॉर्म एफसी-टीआरएस में रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं है । (बी) भारत के बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में इक्विटी लिखतों के अंतरण को ऐसे व्यक्ति द्वारा फॉर्म एफसी-टीआरएस में रिपोर्ट किया जाएगा। (सी) नियमावली के नियम 9(6) में निर्धारित इक्विटी लिखतों के हस्तांतरण को भुगतान की प्रत्येक शृंखला के प्राप्त होने पर फॉर्म एफसी-टीआरएस में रिपोर्ट किया जाएगा। रिपोर्टिंग का दायित्व निवासी अंतरणकर्ता / अंतरिती पर होगा । (डी) तेल के क्षेत्रों में “सहभागिता-हितों / अधिकारों” के अंतरण की रिपोर्टिंग फॉर्म एफसी-टीआरएस में की जाएगी । इक्विटी लिखतों के अंतरण अथवा निधियों की प्राप्ति / विप्रेषण, जो भी पहले हो, से साठ दिनों के भीतर फॉर्म एफसीटीआरएस प्रस्तुत करना होगा। (4) फॉर्म- कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ईसॉप): कोई भारतीय कंपनी, जो भारत के बाहर के निवासी उन व्यक्तियों, जो उसके कर्मचारी / निदेशक अथवा उसकी होल्डिंग कंपनी / संयुक्त उद्यम / पूर्ण स्वामित्व वाली समुद्रपारीय सहायक कंपनी / सहायक-कंपनियों के कर्मचारी / निदेशक हैं, के लिए यदि कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ईसॉप) जारी करती है, तो वह इस प्रकार के कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ईसॉप) जारी करने की तारीख से 30 दिनों के भीतर फॉर्म – ईसॉप प्रस्तुत करेगी । (5) फॉर्म- निक्षेपागार रसीद विवरणी (डीआरआर): घरेलू अभिरक्षक, निक्षेपागार रसीद योजना, 2014 के अनुसरण में जारी निक्षेपागार रसीदों के निर्गम/ हस्तांतरण की रिपोर्ट निर्गम की समाप्ति के 30 दिन के भीतर फॉर्म डीआरआर में करेंगे । (6) फॉर्म एलएलपी (I): कोई सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) यदि अपनी पूंजी में अंशदान तथा लाभ शेयरों के अधिग्रहण हेतु प्रतिफल राशि प्राप्त करती है, तो प्रतिफल राशि की प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों के भीतर उसे फॉर्म एलएलपी (I) प्रस्तुत करना होगा । (7) फॉर्म एलएलपी (II): किसी निवासी और अनिवासी के बीच (अथवा इसके विपरीत) पूंजी अंशदान अथवा लाभ-शेयरों के विनिवेश/ अंतरण का विवरण निधियों की प्राप्ति के 60 दिनों के भीतर फॉर्म-एलएलपी (II) में प्रस्तुत किया जाए। रिपोर्टिंग का दायित्व निवासी हस्तांतरणकर्ता / हस्तांतरिती का होगा। 20(8) एलईसी (एफआईआई): (i) प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक भारत में स्थित स्टॉक एक्सचेंजों पर एफपीआई द्वारा इक्विटी लिखतों की खरीद/ अंतरण की रिपोर्टिंग रिज़र्व बैंक को फॉर्म एलईसी (एफआईआई) में करेंगे। (ii) निवेशग्राही भारतीय कंपनी अनुज्ञेय धारकों द्वारा किसी अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज पर साधारण शेयरों की खरीद/अभिदान (जब ऐसी खरीद/अभिदान को नियमावली के तहत विदेशी पोर्टफोलियो विनिधान के रूप में वर्गीकृत किया गया हो), अनुज्ञेय धारकों के बीच होने वाले अंतरण से भिन्न, की रिपोर्टिंग रिज़र्व बैंक को प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक के माध्यम से फॉर्म एलईसी (एफआईआई) में करेगी। (9) एलईसी (एनआरआई) : प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक भारत में स्टॉक एक्सचेंज में अनिवासी भारतीयों अथवा विदेशी भारतीय नागरिकों द्वारा इक्विटी लिखतों की खरीद / अंतरण से संबन्धित विवरण रिजर्व बैंक को फॉर्म-(एनआरआई) में प्रस्तुत करेंगे । (10) फॉर्म इन-वी (InVI): किसी ऐसे निवेश माध्यम (इंवेस्टमेंट वेहिकल), जिसने भारत से बाहर के निवासी किसी व्यक्ति को अपनी यूनिटें जारी की हैं, को उन यूनिटों को जारी करने की तारीख से 30 दिनों के भीतर फॉर्म इन-वी प्रस्तुत करना होगा। (11) डाउनस्ट्रीम निवेश ए. किसी अन्य भारतीय संस्था में डाउनस्ट्रीम निवेश करने वाली भारतीय एंटीटी अथवा निवेश माध्यम, जिस निवेश को नियमों के अनुसार निवेश प्राप्तकर्ता भारतीय संस्था के लिए अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाता है, वह नए / मौजूदा उद्यमों में निवेश के तौर-तरीकों के साथ (विस्तार कार्यक्रम के साथ/ उसके बिना) इस प्रकार के निवेश के 30 दिनों के भीतर औद्योगिक सहायता सचिवालय, डीपीआईआईटी को अधिसूचित करेगी, चाहे इक्विटी लिखत आबंटित न की गई हों। बी. फॉर्म डीआई: किसी अन्य भारतीय एंटीटी में डाउनस्ट्रीम निवेश करने वाली भारतीय संस्था या निवेश माध्यम, जिस निवेश को नियमावली के नियम-22 के अनुसार निवेश प्राप्तकर्ता भारतीय एंटीटी के लिए अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाता है, वह इक्विटी लिखतों के आबंटन की तारीख से 30 दिनों के अंदर रिज़र्व बैंक को फॉर्म डीआई प्रस्तुत करेगी । (12) फॉर्म परिवर्तनीय नोट (सी एन): ए. भारतीय स्टार्ट-अप कंपनी, जो भारत से बाहर के निवासी किसी व्यक्ति को परिवर्तनीय नोट जारी करती है, उसे इस प्रकार के निर्गम के 30 दिन के अंदर फॉर्म सी एन प्रस्तुत करना होगा। बी. भारत का निवासी कोई व्यक्ति जो भारतीय स्टार्ट-अप कंपनी द्वारा जारी किए गए परिवर्तनीय नोटों का, चाहे हस्तांतरणकर्ता या हस्तांतरिती हो, वह इस प्रकार के हस्तांतरण के 30 दिनों के भीतर भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति को या उस व्यक्ति से, जैसा भी मामला हो, इस प्रकार के हस्तांतरण के संबंध में विवरण फार्म सीएन में रिपोर्ट करेगा। बशर्ते कि इस संबंध में ऐसी रिपोर्टिंग के फ़ारमैट, अवधि और प्रस्तुति के तरीके का निर्धारण रिज़र्व बैंक द्वारा किया गया हो । बशर्ते कि जब तक इन विनियमों में विशेष रूप से कुछ अलग नहीं बताया गया हो, सभी प्रकार की रिपोर्टिंग प्राधिकृत व्यापारी बैंक के माध्यम से या उसके द्वारा, जैसी भी स्थिति हो, की जाएगी। 5. रिपोर्टिंग में विलंब उपर्युक्त विनियम-4 में प्रावधान की गई रिपोर्टों की फाइलिंग के लिए जिम्मेदार व्यक्ति / एंटीटी रिपोर्टिंग में किसी प्रकार का विलंब होने पर केंद्र सरकार के परामर्श से रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित किए जाने वाले विलंब प्रस्तुति शुल्क के भुगतान के लिए उत्तरदायी होगी। (अजय कुमार मिश्र)
1 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 2 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से जोड़ा गया। 3 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 4 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 6 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से हटाया गया। 7 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 8 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 10 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से हटाया गया। 11 दिनांक 18.06.2020 के राजपत्र सं. सी.जी.-एम.एच.-अ. -19062020-220016 के माध्यम से संशोधित किया गया। 12 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 13 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से हटाया गया। 14 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 15 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से जोड़ा गया। 16 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 17 दिनांक 23 अप्रैल 2024 से लागू अधिसूचना सं.फेमा. 395 (2)/2024-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (संशोधन) विनियमावली, 2024 दिनांक 23 अप्रैल 2024] के माध्यम से जोड़ा गया। 18 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से संशोधित किया गया। 19 दिनांक 15 जनवरी 2025 की अधिसूचना संख्या फेमा 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025] के माध्यम से जोड़ा गया। 20 दिनांक 23 अप्रैल 2024 की अधिसूचना सं.फेमा. 395(2)/2024-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (संशोधन) विनियमावली, 2024] के माध्यम से संशोधित किया गया। |