ऋणदाताओं के लिए उचित व्यवहार संहिता संबंधी दिशानिर्देश - प्रोसेसिंग शुल्क /प्रभारों से संबंधित सभी सूचनाएं प्रकट करना
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आरबीआइ/2008-09/ 296 नवंबर 25, 2008 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक/अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)
महोदय
ऋणदाताओं के लिए उचित व्यवहार संहिता संबंधी दिशानिर्देश -
कृपया 6 मार्च 2007 का हमारा परिपत्र बैंपविवि.सं.एलईजी.बीसी.65/09.07.005/2006-07 देखें, जिसमें बैंकों/वित्तीय संस्थाओं को सूचित किया गया था कि उधारकर्ता द्वारा मांगे गए ऋण की राशि पर ध्यान दिए बिना
2.हमारे ध्यान में यह बात आई है कि कुछ बैंक प्रोसेसिंग शुल्क के अतिरिक्त कुछ ऐसे प्रभार लगाते हैं जिनके बारे में उधारकर्ता को प्रारंभ में नहीं बताया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि उधारकर्ता को ऐसे प्रभारों के बारे में बताए बिना बाद में उनपर प्रभार लगाना एक अनुचित व्यवहार है।
3. अत:, बैंकों/वित्तीय संस्थाओं को यह सूचित किया जाता है कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रोसेसिंग प्रभारों/शुल्कों से संबंधित सभी सूचनाएं ऋण आवेदन फार्मों में अनिवार्यत: प्रकट की जाती हैं। इसके साथ ही बैंकों को चाहिए कि वे ग्राहक को ‘सभी समाविष्ट लागत’ बता दें ताकि वे प्रभारित दरों की तुलना वित्त के अन्य स्रोतों के साथ कर सकें।
भवदीय (प्रशांत सरन) |
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