यूएपीए, 1967 की धारा 51-ए का कार्यान्वयन- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1988(2011) समिति की ‘तालिबान प्रतिबंध सूची’ को अद्यतन करना
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आरबीआई/2014-15/276 28 अक्तूबर 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदया/महोदय यूएपीए, 1967 की धारा 51-ए का कार्यान्वयन- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1988(2011) समिति की ‘तालिबान प्रतिबंध सूची’ को अद्यतन करना कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 26 जुलाई 2013 का हमारा परिपत्र बैंपविवि.एएमएल.सं. 1416/14.06.001/2013-14 जिसके द्वारा यूएनएससीआर 1267(1999)/1989(2011) समिति की ‘अल-कायदा प्रतिबंध सूची’ पर 7वां अद्यतन टिप्पण (अपडेट) जारी किया गया है तथा बैंपविवि का दिनांक 14 अगस्त 2014 का परिपत्र बैंपविवि.एएमएल.सं. 2472/14.06.001/2014-15 जिसके द्वारा यूएनएससीआर की ‘1988 प्रतिबंध सूची’ पर चौथा अद्यतन टिप्पण (अपडेट) अर्थात् तालिबान से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं की सूची जारी की गई है, देखें। 2. यूएनपी प्रभाग, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अब हमें तालिबान प्रतिबंध सूची में प्रविष्टियों में संशोधन से संबंधित वर्ष 2013 का 8वां और 10वां अद्यतन टिप्पण (अपडेट) तथा वर्ष 2014 का पहला और दूसरा अद्यतन टिप्पण (अपडेट) भेजा है जिनका ब्यौरा अनुलग्नक में दिया गया है। अनुलग्नक में प्रेस प्रकाशनी का लिंक भी उपलब्ध कराया गया है। सूची में किए गए परिवर्तनों से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति का लिंक समिति की वेबसाइट के निम्नलिखित यूआरएल पर उपलब्ध कराया गया है: उपर्युक्त सभी अद्यतन टिप्पणों (अपडेट) को शामिल करते हुए अलकायदा से संबद्ध व्यिक्तियों व संस्थाओं की अद्यतित सूची को 14 अगस्त 2014 के संदर्भित परिपत्र द्वारा परिचालित किया गया है और यह http://www.un.org/sc/committees/1988/pdf/1988List.pdf पर उपलब्धग हैं। 3. बैंकों/अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे रिज़र्व बैंक द्वारा परिचालित व्यक्तियों/संस्थाओं की सूची को अद्यतित करें। कोई नया खाता खोलने के पहले वे यह सुनिश्चित करें कि प्रस्तावित ग्राहक का नाम उक्त सूची में न हो। इसके अलावा, बैंकों को सभी मौजूदा खातों की जांच करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सूची में शामिल संस्था या व्यक्ति द्वारा कोई खाता नहीं रखा जा रहा है या उनका किसी खाते से संबंध नहीं है। 4. बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे हमारे 17 सितंबर 2009 के परिपत्र बैंपविवि. एएमएल. बीसी. सं. 44/14.01.001/2009-10 के साथ संलग्न 27 अगस्त 2009 के यूएपीए आदेश में निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से अनुसरण करें तथा सरकार द्वारा जारी आदेश का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करें। 5. जहाँ तक निर्दिष्ट व्यक्तियों/ संस्थाओं द्वारा बैंक खातों के रूप में रखी गयी निधियों, वित्तीय आस्तियों या आर्थिक संसाधनों या संबंधित सेवाओं पर रोक लगाने का संबंध है, 17 सितंबर 2009 के उपर्युक्त परिपत्र के पैरा 6 में बताए गए अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। 6. अनुपालन अधिकारी/प्रधान अधिकारी इस परिपत्र की प्राप्ति-सूचना दें। भवदीया (लिली वडेरा) अनुलग्नक : यथोक्त
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