शहरी सहकारी बैंकों के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग (केवल दृश्य रूप में) की सुविधा प्रदान किया जाना - आरबीआई - Reserve Bank of India
शहरी सहकारी बैंकों के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग (केवल दृश्य रूप में) की सुविधा प्रदान किया जाना
आरबीआई/2014-15/262 13 अक्तूबर 2014 मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदया / महोदय, शहरी सहकारी बैंकों के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग (केवल दृश्य रूप में) की सुविधा प्रदान किया जाना कृपया शहरी सहकारी बैंकों के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग सुविधा पर 26 सितंबर 2011 को जारी किया गया परिपत्र सं.शबैंवि.बीपीडी.(एससीबी).परि.सं.1/09.18.300/2011-12 देखें, जिसके आधार पर अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों को कुछ मानदंड़ों जैसे न्यूनतम ₹100 करोड़ की निवल संपत्ति हों, कम से कम 10 % का सीआरएआर हों, 5% से कम की निवल अर्नजक आस्तियां हों (एनपीए) और पिछले तीन वर्षों में लगातार लाभ हासिल करने का रिकार्ड हो, को पूरा करने पर भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्वानुमोदन से अपने ग्राहकों के लिए इंटरनेट सुविधा प्रदान करने की अनुमति दी गई थी। 2. कतिपय शहरी सहकारी बैंक जिन्होंने उपर्युक्त मानदंड़ों को पूरा नहीं किया है, ने अनुरोध किया है कि उन्हें अपने ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग (केवल दृश्य रूप में) की सुविधा अर्थात् गैर निधि आधारित ऑन-लाइन सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दी जाए। ग्राहकों के लिए मूल्य वर्धित सेवाएं प्रदान करने के मद्देनज़र, यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे सभी शहरी सहकारी बैंकों जिन्होंने कोर बैंकिंग समाधान (सीबीएस) को पूरी तरह से लागू किया है तथा जो इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्शन 4 (IPv4) से इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्शन 6 (IPv6) में परिवर्तित हुए हैं, को अपने ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग (केवल दृश्य रूप में) की सुविधा प्रदान की अनुमति दी जाए, बशर्तेकि वे 26 सितंबर 2011 के परिपत्र के अनुबंध।। में बताए गए सुरक्षा विशेषताओं का अनुपालन करते हों। इस प्रकार की इंटरनेट बैंकिंग (केवल दृश्य रूप में) सुविधा प्रदान करने वाले शहरी सहकारी बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने ग्राहकों के लिए जो ऑन-लाइन सेवाएं प्रदान करते हैं वे सेवाएं सिर्फ गैर-निधि आधारित होती हों जैसे शेष राशि संबंधी पूछताछ (बैलेंस इंक्वायरी), शेष राशि देखना, खाता विवरण डाउनलोड करना, चेक-बुक जारी करने के संबंध में अनुरोध प्रस्तुत करना आदि तथा निधि-आधारित ऑन-लाइन लेनदेन की अनुमति नहीं देते हों। 3. इंटरनेट बैंकिंग (केवल दृश्य रूप में) की सुविधा प्रारंभ करने वाले शहरी सहकारी बैंक इस सुविधा की शुरुआत होने के एक महीने के भीतर हमारे क्षेत्रीय कार्यालय को इसकी सूचना दें। भवदीय, (ए.के.बेरा) |