एजेंसी बैंकों द्वारा सरकारी कारोबार किए जाने संबंधी मास्टर परिपत्र – एजेंसी कमीशन का भुगतान - आरबीआई - Reserve Bank of India
एजेंसी बैंकों द्वारा सरकारी कारोबार किए जाने संबंधी मास्टर परिपत्र – एजेंसी कमीशन का भुगतान
आरबीआई/2006/77 19 जुलाई, 2006 सभी एजेंसी बैंक प्रिय महोदय, एजेंसी बैंकों द्वारा सरकारी कारोबार किए जाने संबंधी भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंकों को देय एजेंसी कमीशन के बारे में समय-समय पर विभिन्न अनुदेश जारी करता रहा है। ये अनुदेश 10 अगस्त 2005 के हमारे मास्टर परिपत्र (डीजीबीए.जीएडी. (एमसी) सं. 564/31.12.010/2005-06) के माध्यम से सूचित किए गए थे। अब, हम इस विषय पर समय-समय पर पर जारी किए गए महत्वपूर्ण निर्देशों को शामिल करते हुए अद्यतन मास्टर परिपत्र संलग्न कर रहे हैं। आप यह परिपत्र हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर भी देख सकते हैं। 2. कृपया पावती दें। भवदीय (एम.टी. वर्गीस) एजेंसी कमीशन संबंधी मास्टर परिपत्र संशोधित दरें दिनांक 25 जुलाई 2005 के हमारे मास्टर परिपत्र [आरबीआई/2005-06/77 (डीजीबीए.जीएडी. सं. 379/31.12.010 (सी)/2005-06)] द्वारा एजेंसी बैंकों को देय एजेंसी कमीशन की दरों का आधार बदलकर टर्नओवर (मूल्य) के स्थान पर लेन-देन कर दिया गया है। इस संदर्भ में, बैंकों से प्राप्त अभ्यावेदनों के आधार पर समीक्ष की गई थी। तदनुसार, दरों को निम्नानुसार संशोधित करने का निर्णय लिया गया है, जो 01 जुलाई 2005 से प्रभावी होंगी: ए) प्राप्तियां .... रु.45/- प्रति लेनदेन बी) पेंशन से इतर भुगतान .... 9 पैसे प्रति रु.100/- टर्नओवर (मूल्य) ग) पेंशन भुगतान… रु. 60/- प्रति लेनदेन [आरबीआई/2005-06/384 (डीजीबीए.जीएडी.सं.17585/31.12.010 (सी)/2005-06), दिनांक 8 मई, 2006] 2. चूंकि प्राप्तियों और पेंशन भुगतान पर एजेंसी कमीशन प्रति लेन-देन के आधार पर देय होता है, इसलिए एजेंसी बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे ऐसे कमीशन का दावा करने के लिए आवश्यक रिकॉर्ड संधारित करें, जो रिज़र्व बैंक या इसकी अधिकृत एजेंसियों को सत्यापन हेतु किसी भी समय उपलब्ध कराए जा सकें। लेन-देन की संख्या की गणना सरकारी लेखा प्राधिकारियों को प्रदान की जाने वाली दैनिक शाखा स्क्रॉल के हिसाब से की जाएगी। 'त्रुटि स्क्रॉल' में रिपोर्ट किए गए लेन-देन पर एजेंसी कमीशन नहीं दिया जाएगा। किसी निर्धारिती के रूप में विभिन्न करों की वसूली/भुगतान के लिए बैंक की अपनी वैधानिक देयता के संबंध में होने वाले लेन-देन पर एजेंसी कमीशन नहीं दिया जाएगा। कमीशन का दावा करते समय बैंकों द्वारा इस संबंध में निर्धारित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाना चाहिए। 3. लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) के लेन-देन के संबंध में एजेंसी कमीशन के भुगतान को जारी रखने के बारे में अलग से सूचना दी जाएगी। 4. यह ध्यानपूर्वक नोट किया जाए कि एजेंसी बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा की गुणवत्ता की निगरानी रिज़र्व बैंक द्वारा की जाएगी, जिसमें बैंकों द्वारा पेंशनभोगियों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। [आरबीआई/2005-06/77 (डीजीबीए.जीएडी.सं.379/31.12.010(सी)/2005-06), दिनांक 25 जुलाई, 2005] एजेंसी कमीशन के लिए पात्र सरकारी लेनदेन 5. निम्नलिखित लेन-देनएजेंसी कमीशन के लिए पात्र होंगे:
6. इसके आगे, यह भी स्पष्ट किया जाता है कि वित्तीय संस्थाओं और बैंकों आदि से सीधे राज्य सरकारों द्वारा लिए गए अल्पकालिक/दीर्घावधि ऋण एजेंसी कमीशन के लिए पात्र नहीं हैं, क्योंकि ये लेन-देन सामान्य बैंकिंग कारोबार की प्रकृति के नहीं माने जाते हैं। रिज़र्व बैंक एजेंसी बैंकों को सार्वजनिक ऋण के प्रबंधन के लिए अभिकर्ता (एजेंट) के रूप में कार्य करने के लिए सहमति के अनुसार अलग से पारिश्रमिक का भुगतान करता है। हम यह बात दोहराते हैं कि मंत्रालयों/विभागों आदि की ओर से बैंकों द्वारा जारी किए गए साख-पत्र (एल/सी) से उत्पन्न लेन-देन एजेंसी कमीशन के लिए पात्र नहीं होंगे। [आरबीआई/2004/305(डीजीबीए.जीएडी.सं.एच-2625-2658/31.12.010(सी)/2004-05), दिनांक 17 दिसंबर 2004] 7. जहां कहीं भी एजेंसी बैंक अपनी स्वयं की शाखाओं के माध्यम से और जहां अपनी अधिकृत प्रत्यक्ष कर संग्रह शाखा नहीं है, वहाँ या भारतीय स्टेट बैंक की अधिकृत शाखाओं या भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यालयों के माध्यम से अपनी स्वयं की कर देनदारियों का भुगतान कर रहे हैं, उन्हें स्क्रॉल में यह सूचना अलग से दर्शाना चाहिए। ऐसे लेन-देन एजेंसी कमीशन के भुगतान के पात्र नहीं होंगे। एजेंसी कमीशन का दावा करते समय बैंकों को इस आशय का एक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना चाहिए कि उनके द्वारा भुगतान की गई अपनी कर देनदारियों (टीडीएस, निगम कर, इत्यादि) को इससे अलग रखा गया है। [आरबीआई/2004/64 (डीजीबीए.जीएडी.सं.एच-41/42.02.001/2003-04), दिनांक 22 जुलाई 2004] [आरबीआई/2004/248 (डीजीबीए.जीएडी.सं.एच-1225-1258/42.02.001/2004-05), दिनांक 27 अक्तूबर 2004] [आरबीआई/2004-05/344 (डीजीबीए.जीएडी.सं.एच-3613/42.01.001/2004-05), दिनांक 13 जनवरी 2005] 8. एजेंसी कमीशन पर टीडीएस की कटौती केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि रिज़र्व बैंक द्वारा अपने ही अभिकर्ताओं को अदा किए गए या उनके द्वारा जमा किए गए एजेंसी कमीशन पर टीडीएस की कटौती किए जाने की आवश्यकता नहीं होगी। तथापि, यह दोहराया जाता है कि एजेंसी कमीशन पर उसे धारित करने वाले संबंधित बैंक पर आय के हिस्से के रूप में कर लगाया जाएगा। (डीजीबीए.जीएडी.सं.एच-190/31.12.010/2003-04, दिनांक 14 सितंबर 2003) 9. बैंकों द्वारा एजेंसी कमीशन का दावा करने हेतु प्रारूप सभी एजेंसी बैंकों द्वारा एजेंसी कमीशन का दावा करने के लिए प्रारूप तैयार किया गया है। इसके अलावा, राहत बांड/बचत बांड के संबंध में ब्याज और/या मोचन मूल्य के भुगतान किए जाने के कारण एजेंसी कमीशन का दावा करने के लिए अलग प्रारूप भी तैयार किया गया है। एजेंसी बैंकों से यह अपेक्षित होगा कि एजेंसी कमीशन हेतु निर्धारित प्रारूप में अपना दावा प्रस्तुत करें। [आरबीआई/2005/147 (डीजीबीए.जीएडी.सं.एच-751/31.12.010(सी)/2005-06), दिनांक 30 अगस्त 2005 डीजीबीए. जीएडी. सं. एच-19378/31.12.010 (सी)/2005-06, दिनांक 6 जून, 2006] भारतीय स्टेट बैंक से यह अपेक्षित होगा कि दिनांक 30 अगस्त, 2005 के हमारे पत्र डीजीबीए.जीएडी.सं. एच-754/31.12.010(सी)/2005-06 द्वारा निर्धारित और उपर्युक्त दिनांक 6 जून, 2006 के परिपत्र द्वारा यथासंशोधित प्रपत्र में अपने दावे प्रस्तुत करे। 10. एजेंसी बैंकों द्वारा प्रस्तुत एजेंसी कमीशन के दावे – सामान्य अनियमितताएं कुछ एजेंसी बैंकों द्वारा प्रस्तुत किए गए एजेंसी कमीशन दावों के हमारे आकस्मिक (स्नैप) सत्यापन में पाई गई सामान्य अनियमितताओं के बारे में एजेंसी बैंकों को सूचित किया गया था। बैंकों को एजेंसी कमीशन के लिए दावे दर्ज करते समय उचित सावधानी बरतनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे (दावे) सही हैं। गलत दावों से बचने के लिए, उन्हें जानकारी को अपने आंतरिक/समवर्ती लेखा परीक्षक द्वारा प्रमाणित करा लेना चाहिए। एजेंसी कमीशन के किसी भी गलत दावे के निपटान के लिए एजेंसी बैंक पर बैंक दर (भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्रति वर्ष 1 मई और 1 नवंबर को यथा अधिसूचित) के अलावा 2% के दंडात्मक ब्याज की देयता होगी। [आरबीआई/2005/193 (डीजीबीए.जीएडी.सं. एच-4530/31.12.010(सी)/2005-06), दिनांक 27 अक्टूबर 2005 डीजीबीए.जीएडी. सं. एच-11136/31.12.010(सी)/2005-06, दिनांक 31 जनवरी, 2006 डीजीबीए.जीएडी. सं. एच-13118/31.12.010 (सी)/2005-06, दिनांक 2 मार्च, 2006] 11. विशेष जमा योजना पर एजेंसी कमीशन एसडीएस-1975 के तहत लेन-देन' पेंशन से इतर भुगतान' के समान ही एजेंसी कमीशन के लिए पात्र हैं। अत:, इस तरह के लेन-देन पर एजेंसी बैंकों को प्रति रु.100 के टर्नओवर पर 9 पैसे की दर से एजेंसी कमीशन की पात्रता है। चूंकि, इस योजना के तहत नवीन जमा की अब अनुमति नहीं है, एसडीएस-1975 के खाते में वर्तमान लेन-देन निम्नानुसार होगा – क) निधि से इस संबंध में अनुरोध प्राप्त होने पर अनिवार्य निकासी की अनुमति देना; बी) वार्षिक दरों पर ब्याज भुगतान और ग) योजना के प्रावधान के अनुसार खाता बंद करना। (डीजीबीए.जीएडी. सं. एच-11794/31.12.010 (सी)/2005-06, दिनांक 13 फरवरी 2006) मास्टर परिपत्र में समेकित किए गए परिपत्रों की सूची
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