ग्राहक सेवा पर मास्टर परिपत्र
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आरबीआइ/2008-09/261 |
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3 नवंबर 2008
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12 कार्तिक 1930 (शक) |
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महोदय |
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ग्राहक सेवा पर मास्टर परिपत्र |
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जैसाकि आप जानते हैं, बैंकों तथा उनकी शाखाओं में ग्राहक सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दृष्टि से रिज़र्व बैंक ग्राहक सेवा के क्षेत्र में विभिन्न अनुदेश/दिशानिर्देश समय-समय पर जारी करता रहा है । |
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2. उपर्युक्त विषय से संबंधित सभी वर्तमान अनुदेश एक ही जगह पर प्राप्त हो सकें इस दृष्टि से हमने अपने कई महत्वपूर्ण अनुदेशों को मास्टर परिपत्र के रूप में संकलित किया है । इसके अलावा, इस परिपत्र में हमने केवल सरकारी क्षेत्र के बैंकों को जारी किए गए कुछ अनुदेशों को तथा रिज़र्व बैंक के कहने पर भारतीय बैंक संघ द्वारा जारी किए गए अनुदेशों को भी शामिल किया है । मास्टर परिपत्र अनुबंध में दिया गया है । यह नोट किया जाए कि मास्टर परिपत्र में उसके परिशिष्ट में सूचीबद्ध परिपत्रों में निहित सभी अनुदेशों को समेकित तथा अद्यतन किया गया है । |
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भवदीय |
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(प्रशांत सरन) |
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