बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार न करना
आरबीआई/2004-05/348 19 जनवरी 2005 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, महोदय, बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार न करना कृपया 9 अक्टूबर 2003 के हमारे परिपत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.404/11.37.01/2003-04 और 5 अप्रैल 2004 के परिपत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.1181/11.37.01/2003-04 का संदर्भ लें, जिसमें आपकी शाखाओं द्वारा जनता आदि से बिना किसी प्रतिबंध के सभी मूल्यवर्ग के सिक्कों की को स्वीकार किया जाना सुनिश्चित करने हेतु सूचित किया गया था। हालांकि, देश के विभिन्न हिस्सों में बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार नहीं करने के संबंध में शिकायतें हमें/सरकार को प्राप्त होती रहती हैं और आलोचनात्मक रिपोर्टें अक्सर प्रेस में दिखाई देती हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी घटनाओं (छवि जोखिम के लिए अग्रणी) की पुनरावृत्ति न हो, आपसे अनुरोध है कि समय-समय पर कर्मचारियों को जागरूक करें ताकि ग्राहकों से शिकायत का कोई कारण न हो। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय प्रबंधकों/अंचल प्रबंधकों द्वारा सिक्कों को स्वीकार करने से संबंधित निर्देशों सहित शाखाओं द्वारा अनुपालन को सत्यापित करने के लिए औचक निरीक्षण के संबंध में निर्देशों और प्रधान कार्यालय में उनकी रिपोर्ट की समीक्षा (5 अप्रैल 2004 के परिपत्र के पैरा 4 देखें) का कड़ाई से पालन किया जाए। कृपया पावरी दें। भवदीय (यू.एस. पालीवाल) |
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