कतिपय निकायों / संगठनों के नाम में बचत बैंक खाते खोला जाना ज्ी/हू-399-05-06.प्ूस्त् - आरबीआई - Reserve Bank of India
कतिपय निकायों / संगठनों के नाम में बचत बैंक खाते खोला जाना ज्ी/हू-399-05-06.प्ूस्त्
आरबीआइ/2005-06/399
ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी.सं. 87 /07.38.01/2005-06
जून 6, 2006
सभी राज्य और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक
महोदय,
कतिपय निकायों / संगठनों के नाम में बचत बैंक खाते खोला जाना
कृपया दिनांक 17 अक्तूबर 2000 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.आरएफ.डीआइआर.बीसी.30/07.38.01/2000-01 देखें जिसमें बैंकों को केद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न कार्यक्रमों / योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु दिए जाने वाले अनुदान / आर्थिक सहायता के संबंध में सरकारी विभागों / निकायों / एजेंसियों के नाम में बचत बैंक खाता खोलने की अनुमति इस शर्त पर दी जाती है कि वे संबंधित सरकारी विभागों से बैंक को यह प्रमाणित करते हुए प्राधिकार पत्र प्रस्तुत करें कि उन सरकारी विभागों अथवा निकायों को बचत बैंक खाता खोलने की अनुमति है —
2. मामले की समीक्षा करने पर, अब यह निर्णय लिया गया है कि बैंकों को राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित विभिन्न कार्यक्रमों / योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु दिए जाने वाले अनुदान / आर्थिक सहायता के संबंध में सरकारी विभागों / निकायों / एजेंसियों के नाम में बचत बैंक खाता खोलने की अनुमति इस शर्त पर दी जाती है कि वे संबंधित सरकारी विभागों से बैंक को यह प्रमाणित करते हुए प्राधिकार पत्र प्रस्तुत करें कि उन सरकारी विभागों अथवा निकायों को बचत बैंक खाता खोलने की अनुमति है — बैंकों को संबंधित राज्य सरकार के विभागों द्वारा जारी प्राधिकार पत्र की प्रति अपने रिकार्ड में रखनी चाहिए — तदनुसार, संदर्भाधीन परिपत्र के साथ संलग्न 17 अक्तूबर 2000 का हमारा निदेश ग्राआऋवि.सं.डीआइआर.बीसी.29/ 07.38.01/ 2000-01 का खण्ड 5 (ii) (जी) संशोधित कर दिया गया है —
3. दिनांक जून 6, 2006 का संशोधित निदेश ग्राआऋवि.आरएफ.डीआइआर. 5516 /07.38.01/2005-06 संलग्न है —
4. कृपया हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को पावती दें —
भवदीय
( जी.श्रीनिवासन )
मुख्य महाप्रबंधक
ग्राआऋवि.आरएफ.डीआइआर. 5516 /07.38.01/2005-06
जून 6, 2006
कतिपय निकायों / संगठनों के नाम पर बचत बैंक खाता खोलना
बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 (जैसा कि सहकारी समितियों पर लागू है) की धारा 21 और 35ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा दिनांक 17 अक्तूबर 2000 के इसके निदेश ग्राआऋवि.सं. आरएफ.डीआइआर. बीसी.29/07.38.01/2000-01 के संशोधन में भारतीय रिज़र्व बैंक, इस बात से सन्तुष्ट होने पर कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक तथा समीचीन है, एतदद्वारा निदेश देता है कि उपर्युक्त निदेश के पैरा 5 का खण्ड (ii) (जी) निम्नलिखित रुप में तत्काल प्रभाव से लागू होगा -
केद्र सरकार / राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित विभिन्न कार्यक्रमों /योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु दिए जाने वाले अनुदान / आर्थिक सहायता के संबंध में सरकारी विभागों / निकायों / एजेंसियों के नाम में इस शर्त पर कि वे संबंधित केद्र / राज्य सरकार विभागों से बचत बैंक खाता खोलने का प्राधिकार पत्र प्रस्तुत करें —
दिनांक 2 नवंबर 1987 के निदेश ग्राआऋवि.सं. आरएफ.डीआइआर.बीसी. 53/डी.1-87/88 के अन्य सभी उपबन्ध अपरिवर्तित रहेंगे —
भवदीय
( वी.एस.दास )
कार्यपालक निदेशक