पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड - शिक्षा ऋण पर जोखिम भार
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आरबीआइ/2007-08/226 17 जनवरी 2008 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक महोदय पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड - शिक्षा ऋण पर जोखिम भार कृपया ‘नए पूंजी पर्याप्तता ढांचे के कार्यान्वयन पर दिशानिर्देश’(पैराग्राफ 5.13.3) संबंधी 27 अप्रैल 2007 का हमारा परिपत्र बैंपविवि. सं. बीपी. बीसी. 90/20.06.001 तथा ‘मास्टर परिपत्र - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड’ (परिपत्र के अनुबंध 8 की मद 1 क (iii)) पर 2 जुलाई 2007 का हमारा परिपत्र बैंपविवि. सं. बीपी. बीसी. 4/21.01.002/2007-08 देखें ।
2. उपर्युक्त अनुबंधों के अनुसार, वर्तमान में पूंजी पर्याप्तता के प्रयोजन के लिए ‘शिक्षा ऋण’ को ‘उपभोक्ता ऋण’ के एक भाग के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और तदनुसार उनपर 125 प्रतिशत का जोखिम भार लागू होता है । तत्पश्चात् स्थिति की समीक्षा की गई है और यह निर्णय लिया गया है कि पूंजी पर्याप्तता मानदंडों के प्रयोजन के लिए ‘शिक्षा ऋण’ का गैर-उपभोक्ता ऋण के रूप में वर्गीकरण किया जाए ।
3. तदनुसार शिक्षा ऋण पर लागू होनेवाला जोखिम भार निम्नानुसार होगा :
क) बासेल I ढांचे के अंतर्गत वर्तमान में लागू 125 प्रतिशत के बजाय 100 प्रतिशत जोखिम भार लागू होगा । ख) बासेल II ढांचे के अंतर्गत शिक्षा ऋण, जो अब उपभोक्ता ऋण का हिस्सा नहीं है, को 27 अप्रैल 2007 के हमारे परिपत्र के पैराग्राफ 5.9 के अंतर्गत विनियामक खुदरा संविभाग (रेग्युलेटरी रिटेल पोर्टफोलियो) का एक घटक समझा जाएगा तथा उस पर वर्तमान में लागू 125 प्रतिशत के बजाय 75 प्रतिशत का जोखिम भार लागू होगा । भवदीय
(प्रशांत सरन) |
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