भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एआईएफआई) - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) संशोधन निदेश 2026
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भारिबैं/2025-26/191 09 जनवरी 2026 भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एआईएफआई) - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) संशोधन निदेश 2026 कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एआईएफआई) - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश 2025 (जिसे आगे 'निदेश' संदर्भित किया गया है) का संदर्भ लें। 2. समीक्षा करने पर और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल तथा इस संबंध में रिज़र्व बैंक को सक्षम बनाने वाले अन्य सभी कानूनों द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक संतुष्ट है कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक और समीचीन है, इसलिए वह एतद्द्वारा निर्दिष्ट निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी करता है। 3. संशोधन निदेश निम्नलिखित रूप से निदेश को आशोधित करते हैं: (1) पैरा 44 को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा: “44. अनिवासी कंपनियों पर दावों का जोखिम भार अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों द्वारा दी गई रेटिंग के अनुसार निम्नानुसार होगा। इसके अलावा,
स्पष्टीकरण –
(2) पैरा 125 को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा: “125. एआईएफआई पूंजी पर्याप्तता प्रयोजनों के लिए अपने दावों के जोखिम भारण हेतु निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (वर्णमाला क्रम में व्यवस्थित) की रेटिंग का उपयोग भी कर सकता है, जहां निर्दिष्ट हो:
4. उपर्युक्त संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू होगा। (वैभव चतुर्वेदी) |
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