भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) संशोधन निदेश 2025
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भारिबैं/2025-26/154 11 दिसंबर 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) संशोधन निदेश 2025 कृपया दिनांक 28 नवंबर 2025 के भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) निदेश 2025 का संदर्भ लें। 2. बैंककारी विधि (संशोधन) अधिनियम 2025 ने आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) और सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) के रखरखाव से संबंधित भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42 और बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 18 और 24 [(धारा 56 (एएसीएस) के साथ पढ़ें] सहित विभिन्न प्रावधानों में संशोधन किया है। 3. बैंककारी विधि (संशोधन) अधिनियम 2025 के लागू होने के बाद, 'पखवाड़ा' की परिभाषा को "शनिवार से लेकर उसके बाद आने वाले दूसरे शुक्रवार तक की अवधि, जिसमें दोनों दिन शामिल हैं" से बदलकर "प्रत्येक कैलेंडर माह के पहले दिन से लेकर पंद्रहवें दिन तक या प्रत्येक कैलेंडर माह के सोलहवें दिन से लेकर अंतिम दिन तक की अवधि, जिसमें दोनों दिन शामिल हैं" कर दिया गया है। भारत के राजपत्र में 8 दिसंबर 2025 को प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, पखवाड़े की निर्दिष्ट परिभाषा के लागू होने की तारीख 15 दिसंबर 2025 है। परिणामस्वरूप, सीआरआर और एसएलआर के रखरखाव और उनके रिटर्न में रिपोर्टिंग, अर्थात् क्रमशः फॉर्म बी और फॉर्म I, को भी पखवाड़े की संशोधित परिभाषा के अनुरूप संशोधित किया गया है। 4. तदनुसार, बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 35ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42 तथा बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 18 और 24, समय-समय पर यथासंशोधित, तथा इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक को सक्षम बनाने वाले अन्य सभी प्रावधानों/कानूनों के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक संतुष्ट है कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक और समीचीन है, इसलिए वह एतद्द्वारा निर्दिष्ट निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी करता है। 5. इन निदेशों को भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) संशोधन निदेश 2025 कहा जाएगा। 6. ये प्रावधान, पैरा 7 (viii) (3) को छोड़कर, जो 12 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा, 15 दिसंबर 2025 से प्रभावी होंगे। 7. ये संशोधित निदेश, भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) निदेश 2025 में निम्नलिखित संशोधन करते हैं: (i) पैरा 6 (14) में ‘पखवाड़ा’ की परिभाषा को पुनः परिभाषित करते हुए, ‘पखवाड़ा’ का अर्थ प्रत्येक कैलेंडर माह के पहले दिन से पंद्रहवें दिन तक या प्रत्येक कैलेंडर माह के सोलहवें दिन से अंतिम दिन तक की अवधि है, जिसमें दोनों दिन शामिल हैं, किया जाएगा। (ii) पैरा 6 (18), 9, 10, 22, 24, 25, 26 में ‘शुक्रवार’ शब्द को ‘दिन’ से प्रतिस्थापित किया जाएगा। (iii) पैरा 31 में, ‘प्रत्येक वैकल्पिक शुक्रवार और’ शब्दों को ‘प्रत्येक पखवाड़े के अंतिम दिन’ से प्रतिस्थापित किया जाएगा, ‘सात’ शब्द को ‘पांच’ से प्रतिस्थापित किया जाएगा और ‘अनंतिम’ शब्द को हटा दिया जाएगा। (iv) पैरा 32 में, 'रिपोर्टिंग शुक्रवार' शब्दों को 'प्रत्येक पखवाड़े के अंतिम दिन' से प्रतिस्थापित किया जाएगा तथा 'उस शुक्रवार' शब्दों को 'ऐसे पखवाड़े के अंतिम दिन' से प्रतिस्थापित किया जाएगा। (v) पैरा 33 में, ‘अंतिम’ और ‘संबंधित पखवाड़े की समाप्ति से 20 दिनों के भीतर’ शब्द हटा दिए जाएंगे। (vi) पैरा 34 को हटा दिया जाएगा। (vii) पैरा 35 में, 'प्रत्येक वैकल्पिक शुक्रवार' / 'वैकल्पिक शुक्रवार' / 'उस शुक्रवार' शब्दों को 'प्रत्येक पखवाड़े का अंतिम दिन' / 'दिन' / 'उस पखवाड़े का अंतिम दिन' से प्रतिस्थापित किया जाएगा। (viii) पैरा 37 के बाद तीन नए पैरा जोड़े जाएंगे, अर्थात्:
(ix) पैरा 38 में, 'प्रत्येक वैकल्पिक शुक्रवार' शब्द के स्थान पर 'प्रत्येक पखवाड़े का अंतिम दिन' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा। (x) अनुबंध I (फॉर्म बी) में, ‘शुक्रवार’ / ‘उस शुक्रवार’ शब्द के स्थान पर ‘पखवाड़े का अंतिम दिन’ / ‘उस पखवाड़े का अंतिम दिन’ शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा। (xi) अनुबंध II (फॉर्म I) में,
(xii) परिशिष्ट III में, ‘शुक्रवार’ शब्द को ‘दिन’ शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। भवदीय, (मनोरंजन पाढ़ी) |
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