भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) संशोधन निदेश 2026
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भारिबैं/2025-26/203 22 जनवरी 2026 भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) संशोधन निदेश 2026 कृपया दिनांक 28 नवंबर 2025 के भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) निदेश 2025 का संदर्भ लें। 2. बैंककारी विधि (संशोधन) अधिनियम 2025 के लागू होने के बाद, बैंककारी विनियमन (सहकारी सोसाइटी) संशोधन नियमावली 2025 और भारतीय रिज़र्व बैंक अनुसूचित बैंक (संशोधन) विनियमावली 2025 क्रमशः 10 दिसंबर 2025 और 15 जनवरी 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं। 3. तदनुसार, बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 35ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42 तथा बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 18 और 24 के साथ पठित धारा 56 (एएसीएस), समय-समय पर यथासंशोधित तथा इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक को सक्षम बनाने वाले अन्य सभी प्रावधानों/कानूनों के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक संतुष्ट है कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक और समीचीन है, इसलिए वह एतद्द्वारा निर्दिष्ट निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी करता है। 4. इन निदेशों को भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) संशोधन निदेश 2026 कहा जाएगा। 5. ये प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। 6. ये संशोधन निदेश भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) निदेश 2025 में निम्नलिखित आशोधन करते हैं: (i) पैरा 20 (3) में "अन्य विकास वित्तीय संस्थाएँ जैसा कि आरबीआई अधिनियम 1934 की धारा 2 (सीसीसीआईआई) में परिभाषित है" शब्द जोड़े जाएँगे। (ii) पैरा 28 (4) (v) में ‘“हाथ में नकदी” के अंतर्गत’ शब्द हटा दिए जाएँगे। (iii) अनुबंध I (फॉर्म बी) में,
(iv) अनुबंध II (फॉर्म I) और अनुबंध III में,
(v) अनुबंध II (फॉर्म I) के फुटनोट में, "भारतीय औद्योगिक विकास बैंक" शब्द हटा दिए जाएंगे और उसके स्थान पर "राष्ट्रीय आवास बैंक, लघु उद्योग बैंक" शब्द जोड़े जाएंगे। भवदीय, (मनोरंजन पाढ़ी) |
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