घाटे में रहने वाली बैंकों की शाखाओं की समीक्षा
भारिबैं/2007-08/153
बैंपर्यवि.कें.का.एसएमसी.बीसी.सं . 5 /22.23.001/2007-08
5 अक्तूबर 2007
मुख्य कार्यपालक अधिकारी
सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक
(विदेशी बैंकों को छोडकर)
महोदय
घाटे में रहने वाली बैंकों की शाखाओं की समीक्षा
कृपया आप दिनांक 3 जून 1996 के हमारे परिपत्र पर्यवि. सं. बी.सी. 11/22.23.001/95-96 का संदर्भ ग्रहण करें जिसमे बैंकों को सूचित किया गया था कि वे घाटे में रहने वाली शाखाओं की ध समीक्षा नोट प्रतिलिपियां भारतीय रिजर्व बैंक को प्रस्तुत करें साथ ही वे उन घाटे में रहनेवाली शाखाओं का श्रेणीवार वर्गीकरण दर्शाने वाली विवरण भी भेजें।
2. पुनर्विचार के उपरांत हम सूचित करते हैं कि अब भविष्य में उपर्युक्त समीक्षा तथा विवरण हमें भेजने की आवश्यकता नही हैं। इस परिपत्र को रिजर्व बैंक की वेबसाइट (http://www.rbi.org.in) पर भी उपलब्ध करवा दिया गया है ।
भवदीय
(ने. प्र. तोपनो)
महाप्रबंधक
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