भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) बनाए रखना - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी)
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आरबीआइ/2007-08/292 22 अप्रैल 2008 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) बनाए रखना - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) कृपया उपर्युक्त विषय पर 31 अक्तूबर 2007 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.सं.बीसी. 35/03.05.28(बी) /2007-08 देखें । वर्तमान चलनिधि परिस्थितियों की समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) में उनकी निवल मांग तथा मीयादी देयताओं (एनडीटीएल) के एक प्रतिशतता अंक के आधे की दो चरणों में वृद्धि की जाए, जो नीचे उल्लिखित पखवाडों से लागू होगी ।
2. इससे संबंधित 21 अप्रैल 2008 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.सं. 60/03.05.28(बी) / 2007-08 की प्रतिलिपि संलग्न है । 3. कृपया प्राप्ति-सूचना हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें । भवदीय ( ए.के.पांडेय ) ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.सं. 60 / 03.05.28(बी) / 2007-08 21 अप्रैल 2008
अधिसूचना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा 31 अक्तूबर 2007 की अपनी अधिसूचना ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.सं. 4555/03.05.28 (बी)/2007-08 में आंशिक आशोधन करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा यह अध्ंासिूचित करता है कि प्रत्येक क्षेत्रीय ग्रामीण बेंक द्वारा रखे जाने के लिए अपेक्षित औसत आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) का प्रतिशत नीचे उल्लिखित तारीखों से उनके सामने दर्शाए गए अनुसार होगा ।
( वी.एस.दास ) |
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