भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
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भारिबैं / 2006-07/308 4 अप्रैल 2007 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कृपया उपर्युक्त विषय पर 2 मार्च 2007 के परिपत्र सं. ग्राआऋवि.आरआरबी.केका.बीसी.सं. 51/03.05.28(बी)/ 2006-07 के साथ पठित दिनांक 14 फरवरी 2007 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी. 50/03.05.28(बी)/2006-07 देखें — जैसा कि 30 मार्च 2007 की प्रेस प्रकाशनी 2006-07/1336 में उल्लेख किया गया है, यह निर्णय लिया गया है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) में उनके निवल मांग तथा मीयादी देयताओं (एनडीटीएल) के आधे प्रतिशत की दो चरणों में वृद्धि की जाए , जो नीचे उल्लिखित पखवाड़ों से लागू होगी :
तथापि, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा कुल मांग और मीयादी देयताओं पर रखा जानेवाला प्रभावी सीआरआर 3.00 प्रतिशत से कम नहीं होगा, जैसा कि भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 में व्यवस्था है ।
2. इससे संबंधित 4 अप्रैल 2007 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.9339 /03.05.28(बी)/ 2006-2007 की प्रतिलिपि संलग्न है।
3. सीआरआर के लिए पात्र नकद शेष राशियों पर ब्याज
वर्तमान में सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42(1) और 42 (1 क) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक के पास रखी गयी पात्र नकद शेष राशियों पर 1.00 प्रतिशत की दर से ब्याज अदा किया जाता है । अब यह निर्णय लिया गया है कि 14 अप्रैल 2007 से आरंभ होनेवाले पखवाड़े से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को वर्तमान सीआरआर अपेक्षा के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक के पास रखी जानेवाली पात्र नकदी शेष राशियों पर 0.50 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा किया जाएगा । 4. कृपया हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को प्राप्ति-सूचना दें । भवदीय (एन.के.भाटिया) ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.सं. 9339/03.05.28(बी)/2006-2007 4 अप्रैल 2007 अधिसूचना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा 1 मार्च 2007 की अपनी अधिसूचना ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.सं. 8164 / 03.05.28 (बी) /2006-2007 का अधिक्रमण करते हुए , भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा अधिसूचित करता है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा रखा जानेवाला अपेक्षित औसत आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) निम्नलिखित प्रभावी तारीखों से, निम्नलिखित प्रतिशत अंक होगा।
तथापि, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा कुल मांग और मीयादी देयताओं पर रखा जानेवाला प्रभावी सीआरआर उपर्युक्त अधिनियम के प्रावधान के अनुसार 3.00 प्रतिशत से कम नहीं होगा । (आनंद सिन्हा) |
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