भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना
आरबीआइ / 2007-08/287
संदर्भ : बैंपविवि. सं. आरईटी बीसी.70 /12.01.001/2007-08
21 अप्रैल 2008
1 वैशाख 1930 (शक)
सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)
महोदय
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना
कृपया उपर्युक्त विषय पर 30 अक्तूबर 2007 का हमारा परिपत्र आरबीआइ/2007-2008/173 बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 44/12.01.001/2007-2008 देखें। चलनिधि की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने पर यह निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) में उनकी निवल मांग तथा मीयादी देयताओं (एनडीटीएल) के एक प्रतिशतता अंक के आधे की दो चरणों में वृद्धि की जाए, जो नीचे उल्लिखित पखवाड़ों से लागू होगी :
| प्रभावी होने की तारीख (अर्थात् निम्नलिखित तारीख से प्रारंभ होने वाला पखवाड़ा) | निवल मांग तथा मीयादी देयताओं पर सीआरआर (प्रतिशत) |
| 26 अप्रैल 2008 | 7.75 |
| 10 मई 2008 | 8.00 |
इससे संबंधित 21 अप्रैल 2008 की अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 69 /12.01.001/ 2007-2008 की प्रतिलिपि संलग्न है।
कृपया प्राप्ति-सूचना दें ।
भवदीय
(विनय बैजल)
मुख्य महाप्रबंधक
बैंपविवि. सं. आरईटी बीसी. 69 /12.01.001/2007-2008
21 अप्रैल 2008
1 वैशाख 1930 (शक)
अधिसूचना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा 30 अक्तूबर 2007 की अपनी अधिसूचना बैंपविवि.सं.आरईटी बीसी. 45/ 12.01.001/2007-2008 में आंशिक संशोधन करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा यह अधिसूचित करता है कि प्रत्येक अनुसूचित वाणिज्य बैंक द्वारा रखे जाने के लिए अपेक्षित औसत आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) का प्रतिशत नीचे उल्लिखित तारीखों से, उनके सामने दिए गए अनुसार होगा:
| प्रभावी होने की तारीख (अर्थात् निम्नलिखित तारीख से प्रारंभ होने वाला पखवाड़ा) | निवल मांग तथा मीयादी देयताओं पर सीआरआर (प्रतिशत) |
| 26 अप्रैल 2008 | 7.75 |
| 10 मई 2008 | 8.00 |
(आनंद सिन्हा)
कार्यपालक निदेशक
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: