भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना
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आरबीआइ/2007-08/383 26 ज़ून 2008 सभी अनुसूचित वाणिज़्य बैंक
महोदय
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना
कृपया उपर्युक्त विषय पर 29 अप्रैल 2008 का हमारा परिपत्र बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 79/12.01.001/2007-2008 देखें। वर्तमान वैश्विक तथा देशी समष्टि आर्थिक तथा वित्तीय घटनाओं की समीक्षा करने पर यह निर्णय लिया गया है कि अनुसचित वाणिज्य़ बैंकों के आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) को निम्नानुसार विनिर्दिष्ट पखवाड़ों से दो चरणों में 50 आधार अंक बडाकर उनकी निवल मांग तथा मीयादी देयताओं का 8.75 प्रतिशत किया ज़ाए ।
इससे संबंधित 26 ाझन 2008 की अधिसूर्ानिंा बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 95 /12.01.001/ 2007-2008 की प्रतिलिपि संलग्न है। भवदीय संदर्भ : बैंपविवि. सं. आरईटीबीसी. 96 /12.01.001/2007-08 26 ज़ून 2008 अधिसूचना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा 29 अप्रैल 2008 की अपनी अधिसूर्ानिंा बैंपविवि.सं.आरईटी बीसी. 78/ 12.01.001/2007-2008 में आंशिक संशोधन करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा यह अधिसूर्ातिं करता है कि प्रत्येक अनुसूर्ातिं वाणिय़ बैंक द्वारा अपनी निवल मांग तथा मीयादी देयताओं के संबंध में रखा ज़ाने वाला अपेक्षित औसत आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) नीर्ाटिं विनिर्दिष्ट तारीखों से उनके सामने दर्शाए गए प्रतिशत अंक पर रहेगा।
(आनंद सिन्हा) |
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