भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-झक, 45-ट एवं 45 - ठ पंजीकरण प्रमाणपत्र की मंजूरी-जमाराशियाँ स्वीकार करने वाली सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए 200 लाख रुपए की न्यूनतम निव - आरबीआई - Reserve Bank of India
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-झक, 45-ट एवं 45 - ठ पंजीकरण प्रमाणपत्र की मंजूरी-जमाराशियाँ स्वीकार करने वाली सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए 200 लाख रुपए की न्यूनतम निव
भारिबै./2007-08/369
गैबैंपवि.(नीति प्रभा.)कंपरि.सं. 114/03.02.059/2007-08
17 जून 2008
जमाराशियाँ स्वीकारने वाली सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ
प्रिय महोदय,
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-झक, 45-ट एवं 45 - ठ
पंजीकरण प्रमाणपत्र की मंजूरी-जमाराशियाँ स्वीकार करने वाली सभी गैर बैंकिंग
वित्तीय कंपनियों के लिए 200 लाख रुपए की न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधियों की अपेक्षा
गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था के कारोबार में लगी कंपनियों से अपेक्षित है कि वे गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था के कारोबार को प्रारंभ करने/जारी रखने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-झक के अंतर्गत रिज़र्व बैंक से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करें। उक्त धारा न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधियों की अपेक्षा का भी निर्धारण करती है। 21 अप्रैल 1999 की अधिसूचना सं. गैबैंपवि.132/सीजीएम(वीएसएनएम)-99 के अनुसार गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था का कारोबार प्रारंभ करने के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन करने वाली नई कंपनियों के लिए न्यूनतम स्वाधिकृत निधि संबंधी अपेक्षा 200 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
- इस बात पर अधिक जोर देन की आवश्यकता नहीं है कि समान्यत: वित्तीय प्रणाली और विशेषकर जमाराशियाँ स्वीकार करने वाली कंपनियों को सुदृढ़ बनाने की जरूरत है। इसलिए यह वांछनीय है कि जमाराशियाँ स्वीकार करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां न केवल पर्याप्त रूप में पूंजी संपन्न हों बल्कि उनके लिए न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधियों में एकरूपता भी हो। इसलिए जनहित में यह आवश्यक समझा गया कि ऐसी कंपनियों पर लागू न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधियों के निर्धारण की समीक्षा की जाए।
- मार्गदर्शी सिद्धांतों के निरूपण में बैंक द्वारा अपनाए जाने वाले परामर्शी रुख के तहत जमाराशियाँ स्वीकार करने वाली कंपनियों के लिए न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधियों में वृद्धि करने संबंधी परिपत्र का प्रारूप बैंक की वेबसाइट www.rbi.org.in पर 21 मई 2007 को रखा गया था। इस संबंध में प्राप्त सुझावों/टिप्पणियों पर विचार किया गया। जमाराशियाँ स्वीकार करने वाली सभी कंपनियों की निवल स्वाधिकृत निधियाँ न्यूनतम 200 लाख रुपए तक धीरे-धीरे, बिना रुकावट एवं अविभेदी तौर पर बढ़ा कर
उनकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने को सुनिश्चित करने के लिए निम्नवत निर्धारण करने का निर्णय लिया गया है कि:
(i)200 लाख रुपए से कम की न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधियों वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ अपने द्वारा धारित जमाराशियों को, पहले कदम के रूप में, मौजूदा स्तर पर रोक दें।
(ii) इसके अलावा, न्यूनतम निवेश ग्रेड रेटिंग एवं 12% CRAR वाली परिसंपत्ति वित्त कंपनियाँ जनता की जमाराशियों को घटाकर अपनी निवल स्वाधिकृत निधियों के डेढ़ गुने तक ले आएं जबकि अन्य कंपनियाँ जनता की जमाराशियों को घटाकर 31 मार्च 2009 को उनकी निवल स्वाधिकृत निधियों के स्तर के बराबर ले आएं (अनुबंध के अनुसार)।
(iii) ऐसी कंपनियाँ जो वर्तमान में कतिपय स्तर तक जनता से जमाराशियाँ स्वीकार करने की पात्र हैं किन्तु जिन्होंने, किन्हीं कारणों से, उस स्तर तक जमाराशियाँ स्वीकार नहीं की हैं, उन्हें ऊपर विनिर्दिष्ट संशोधित सीमा/स्तर तक जनता से राशियाँ स्वीकार करने की अनुमति होगी।
(iv) 200 लाख रुपए की निवल स्वाधिकृत निधियों का स्तर प्राप्त करने पर कंपनियाँ उन्हें प्रमाणित करने वाला सांविधिक लेखापरीक्षक का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें।
(v) विनिर्दिष्ट समय सीमा में निर्दिष्ट स्तर न प्राप्त करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ उचित छूट के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक को आवेदन करें, जिन पर मामले दर मामले के आधार पर विचार किया जाएगा।
भवदीय
(पी. कृष्णमूर्ति)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक
गैर बैंकिंग वित्तीय |
जनता से जमा राशियाँ |
जनता से जमा राशियाँ |
परिसंपत्ति वित्त कपंनियाँ जिनका CRAR 15% बना रहा है, क्रेडिट रेटिंग नहीं हैं और जिनकी निवल स्वाधिकृत निधियाँ 25 लाख रुपए से अधिक किन्तु 200 लाख रुपए से कम हैं। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के डेढ़ गुना या 10 करोड़ रुपए जो भी कम हो। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के बराबर। |
परिसंपत्ति वित्त कपंनियाँ जिनका CRAR 12%बना रहा है, न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग है और जिनकी निवल स्वाधिकृत निधियाँ 25 लाख रुपए से अधिक किन्तु 200 लाख रुपए से कम हैं। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के चार गुना। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के डेढ़ गुना। |
ऋण/निवेश कपंनियाँ जिनका CRAR 15% बना रहा है, न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग है और जिनकी निवल स्वाधिकृत निधियाँ 25 लाख रुपए से अधिक किन्तु 200 लाख रुपए से कम हैं। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के डेढ़ गुना। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के बराबर। |
भारतीय रिज़र्व बैंक
गैर बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग
केंद्रीय कार्यालय
केंद्र-1, विश्व व्यापार केंद्र
कफ परेड, कोलाबा
मुंबई-400005
अधिसूचना सं.गैबैंपवि.199/मुमप्र(पीके)-2008, दिनांक 17 जून 2008
भारतीय रिज़र्व बैंक , इस बात से संतुष्ट होने पर कि जनता के हित में और वित्तीय प्रणाली को देश के हित में विनियमित करने हेतु बैंक को समर्थ बनाने के लिए यह आवश्यक है कि निम्नलिखित निदेश जारी किए जाएं, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 45-झक, 45 ट एवं 45 - ठ द्वारा प्रदत्त शत्तियों और इस संबंध में उसे सक्षम बनाने वाली सभी शत्तियों का प्रयोग करते हुए प्रत्येक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी को निम्नलिखित निदेश देता है।
(क) गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ जिनकी निवल स्वाधिकृत निधियाँ 200 लाख रुपए से कम हैं और जो जनता से जमा राशियाँ स्वीकर करने के लिए पात्र हैं, वे स्वयं द्वारा मौजूदा धारित जमा राशियों को उसी स्तर पर रोक दें।
(ख) इसके अलावा परिसंपत्ति वित्त कंपनियाँ, ऋण तथा निवेश गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ अपने पास रखी जनता की जमा राशियों को निम्नलिखित तालिका में दिए स्तर तक, अंतत: 31 मार्च 2009 तक, घटा दें।
गैर बैंकिंग वित्तीय |
जनता से जमा राशियाँ |
जनता से जमा राशियाँ |
परिसंपत्ति वित्त कपंनियाँ जिनका CRAR 12% बना रहा है, न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग है और जिनकी निवल स्वाधिकृत निधियाँ 25 लाख रुपए से अधिक किन्तु 200 लाख रुपए से कम हैं। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के चार गुना। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के डेढ़ गुना। |
परिसंपत्ति वित्त कपंनियाँ जिनका CRAR 15% बना रहा है, क्रेडिट रेटिंग नहीं हैं और जिनकी निवल स्वाधिकृत निधियाँ 25 लाख रुपए से अधिक किन्तु 200 लाख रुपए से कम हैं। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के डेढ़ गुना या 10 करोड़ रुपए जो भी कम हो। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के बराबर। |
ऋण/निवेश कपंनियाँ जिनका CRAR 15% बना रहा है, न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग है और जिनकी निवल स्वाधिकृत निधियाँ 25 लाख रुपए से अधिक किन्तु 200 लाख रुपए से कम हैं। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के डेढ़ गुना। |
निवल स्वाधिकृत निधियों के बराबर। |
(ग) ऐसी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ जो वर्तमान में कतिपय स्तर तक जनता से जमा राशियाँ स्वीकार करने की पात्र हैं किन्तु जिन्होंने, किन्हीं कारणों से, अधिसूचना की तारीख को उस स्तर तक जमा राशियाँ स्वीकार नहीं की हैं, उन्हें उपर्युक्त पैरा (ख) के नीचे दी गई तालिका में विनिर्दिष्ट संशोधित सीमा/स्तर तक जनता से राशियाँ स्वीकार करने की अनुमति होगी।
(घ) 200 लाख रुपए की निवल स्वाधिकृत निधियों का स्तर प्राप्त करने पर गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ उन्हें प्रमाणित करने वाला सांविधिक लेखापरीक्षक का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें।
(ङ) विनिर्दिष्ट समय सीमा में निर्दिष्ट स्तर न प्राप्त करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ, इस संबंध में उचित छूट के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक को आवेदन करें, जिन पर मामले दर मामले के आधार पर विचार किया जाएगा।
(पी. कृष्णमूर्ति)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक