भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना
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भारिबैं / 2006-07/257 14 फरवरी 2007 सभी अनुसूचित राज्य सहकारी बैंक महोदय भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 (1) - सीआरआर बनाए रखना कृपया उपर्युकमत विषय पर 11 दिसंबर 2006 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. आरएफ. बीसी. 38/ 07.02.01/ 2006-07 (भारिबैं/2005-06/202) देखें। दिनांक 13 फरवरी 2007 की प्रैस विज्ञप्ति 2006-07 / 1094 में निर्धारित किए अनुसार यह निर्णय लिया गया है कि सभी अनुसूचित राज्य सहकारी बैंकों के आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) में उनके निवल मांग तथा मीयादी देयताओं (एनडीटीएल) के आधे प्रतिशत की दो चरणों में वृद्धि की जाए , जो नीचे उल्लिखित पखवाड़ों से लागू होगी :
कृपया हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को प्रप्ति-सूचना दें। भवदीय (के.भट्टाचार्य) ग्राआऋवि.आरएफ.सं. 7458 /07.02.01/2006-2007 14 फरवरी 2007 अधिसूचना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शकिमतयों का उपयोग करते हुए तथा 11 जून 2006 की अपनी अधिसूचना ग्राआऋवि.आरएफ.सं. 5544 /07.02.01/2006-2007 का अधिक्रमण करते हुए , भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा विनिर्दिष्ट करता है कि अनुसूचित राज्य सहकारी बैंकों द्वारा रखा जानेवाला अपेक्षित औसत आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) नीचे उल्लिखित प्रभावी तारीखों से, उनके समक्ष दर्शाए गए अनुसार होगा।
(वी.एस.दास) |
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