निश्चित अवरुद्धता अवधि वाली जमा योजनाएं
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आरबीआइ/2007-08/185 14 नवंबर 2007 सभी राज्य / मध्यवर्ती सहकारी बैंकों (राज्य सहकारी बैंकों /जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों ) मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय निश्चित अवरुद्धता अवधि वाली जमा योजनाएं हमारे ध्यान में यह लाया गया है कि कुछ बैंक नियमित मीयादी जमाराशियों के अतिरिक्त अपने ग्राहकों को 300 दिन से पांच वर्ष तक की विस्तारित सीमा वाले विशेष मीयादी जमाराशि उत्पाद प्रस्तावित कर रहे हैं जिनकी निम्नलिखित विशेषताएं हैं : i. 6 से 12 महीने तक की विस्तारित सीमा वाली निश्चित अवरुद्धता अवधि; ii. निश्चित अवरुद्धता अवधि के दौरान समयपूर्व आहरण करने की अनुमति नहीं होती है। अवरुद्धता अवधि के दौरान समयपूर्व आहरण करने की स्थिति में ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है; iii. इन जमाराशियों पर दी जाने वाली ब्याज की दरें, सामान्य जमाराशियों पर दी जाने वाली ब्याज की दरों के अनुरुप नहीं हैं; iv.कुछ बैंक विशिष्ट शर्तों के अधीन आंशिक रुप से समयपूर्व भुगतान की अनुमति देते हैं। 2. इस संदर्भ में "जमाराशियां, मीयादी जमाराशियों का समयपूर्व आहरण, जमा संग्रहण योजनाओं –आदि" विषय पर समय समय पर संशोधित दिनांक 2 नवंबर 1987 के हमारे निर्देश ग्राआऋवि.आरएफ. बीसी. 53/"ड्ढ.1-87/88 देखें जिसके अनुसार बैंकों को सूचित किया गया है कि वे अपने संबंधित बोर्डों के अनुमोदन से नयी देशी जमा संग्रहण योजनाएं प्रारंभ करने से पूर्व जमाराशियों पर ब्याज की दरों, मीयादी जमाराशियों के समय पूर्व आहरण, मीयादी जमाराशियों की जमानत पर ऋण /अग्रिमों की स्वीकृति आदि के संबंध में भारतीय रि-ार्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निदेशों का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें। इससे संबंधित किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (जैसाकि सहकारी समितियों पर लागू) के अंतर्गत दंड भी लगाया जा सकता है । इसके अलावा, दिनांक 19 अप्रैल 2001 के हमारे निदेश ग्राआऋवि.सं.आरएफ.बीसी. 53/डी.-87/88 के अनुसार एक ही तारीख को मंजूर तथा एक ही परिपक्वता अवधि वाली जमाराशियों पर अदा किए जानेवाले ब्याज के मामले में किसी भी बैंक को कोई विभेद नहीं करना चाहिए, चाहे ऐसी जमाराशियां बैंक के एक ही कार्यालय में स्वीकार की जाएं या बैंक के अलग-अलग कार्यालयों में स्वीकार की जाएं ।ऐसा विभेद केवल किसी भी आकार की सामान्य जमाराशियों की तुलना में उच्चतर तथा ब्याज की निश्चित दरें प्रस्तावित करनेवाली निवासी भारतीय वर्रिष्ंख्र् नागरिकों के लिए विश्टाष मीयादी जमा योजनाओं तथा 15 लाख रुपये और उससे अधिक राशि की एकल मीयादी जमाराशियों के संबंध में किया जा सकता है, जिनपर जमाराशियों के आकार के आधार पर ब्याज की विभिन्न दरों के लिए अनुमति दी जा सकती है । 3. यह स्पष्ट किया जाता है कि कुछ बैंकों द्वारा प्रवर्तित निश्चित अवरुद्धता अवधि तथा उपर्युक्त पैराग्राफ 1 में संदर्भित विशेषताओं वाली विशेष योजनाएं हमारे अनुदेशों के अनुरुप नहीं हैं। अत: जिन बैंकों ने ऐसी जमा योजनाएं प्रवर्तित की हैं उन्हें सूचित किया जाता है कि वे उन योजनाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करें और उसकी अनुपालन रिपोर्ट हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को । भवदीय ( सी.एस.मूर्ति) |
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