बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथालागू ) शहरी सहकारी बैंकों द्वारा सरकारी तथा अन्य अनुमोदित प्रतिभूतियों में निवेश - धारा 24 के अंतर्गत छूट
मुख्य कार्यपालक अधिकारी
सभी प्राथमिक (शहरी ) सहकारी बैंक
महोदय /महोदया
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथालागू ) -
शहरी सहकारी बैंकों द्वारा सरकारी तथा अन्य अनुमोदित प्रतिभूतियों में
निवेश - धारा 24 के अंतर्गत छूट
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कृपया उपर्युक्त विषय पर 17 फरवरी 2006 का हमारा परिपत्र शबैंवि (पीसीबी) परि.सं. 31 /16.26.00 /2005-06 देंखें ।
2. उपर्युक्त परिपत्र के अनुसार टियर I गैर-अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों को उनकी निवल मांग एवं मीयादी देयताओं (एनडीटीएल) के 15 प्रतिशत तक सरकारी तथा अन्य अनुमोदित प्रतिभूतियों में एसएलआर बनाए रखने से छूट दी गई थी बशर्ते समतुल्य राशि को भारतीय स्टेट बैंक तथा उसके सहायक बैंकों और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया लि. सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ब्याज प्रदायी जमाराशियों के रूप में रखा गया हो ।
3. शहरी सहकारी बैंकों तथा उनके महासंघों से प्राप्त विभिन्न अभ्यावेदनों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि यह छूट जारी रखी जाए बशर्ते 01 अक्तूबर 2009 से यह छूट निवल मांग एवं मीयादी देयताओं के 7.5 प्रतिशत से अधिक न हो । उक्त छूट 01 अप्रैल 2010 से वापस ले ली जाएगी ।
4. दिनांक 15 दिसंबर 2008 के भारत के राजपत्र (असाधारण) के भाग III खंड 4 में प्रकाशित 26 नवंबर 2008 की अधिसूचना शबैंवि.पीसीबी.
10/16.26.000/2005-06 की प्रतिलिपि संलग्न है ।
5. कृपया प्राप्ति-सूचना भारतीय रिज़र्व बैंक के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें ।
भवदीय
(ए.के.खौंड)
मुख्य महाप्रबंधक
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