एसएलआर/अनुमोदित प्रतिभूतियों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) द्वारा किए गए निवेश का मूल्यांकन
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8 मई 2007 आरबीआइ / 2006-2007/383 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/प्रायोजक बैंक, महोदय एसएलआर/अनुमोदित प्रतिभूतियों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी)द्वारा किए गए निवेश का मूल्यांकन कृपया उपर्युक्त विषय पर 31 मार्च 2006 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.आरआरबी.बीसी. सं.71/03.05.34/2005-06 देखें । 2. मामले की समीक्षा की गई है और यह निर्णय किया गया है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को एसएलआर प्रतिभूतियों में उनके निवेश के संबंध में वितीय वर्ष 2006-07 तक "मार्क टू मार्केट" मानदडों से दी गई छूट को और एक वर्ष के लिए अर्थात् वित्तीय वर्ष 2007-08 तक बढ़ा दिया जाए। तदनुसार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को प्रतिभूतियों की शेष अवधि के लिए बही मूल्य आधार पर मूल्यांकन और प्रिमियम के परिशोधन, यदि कोई हो, सहित वित्तीय वर्ष 2007-08 के लिए एसएलआर प्रतिभूतियों में अपने संपूर्ण निवेश संविभाग को ’परिपक्वता तक धारित’ के अंतर्गत वर्गीकृत करने की स्वतंत्रता होगी। 3. कृपया 31 मार्च 2007 को अपने एसएलआर निवेश का बही मूल्य और बाजार मूल्य हमें 31 मई 2007 तक अवश्य सूचित कर दें ताकि हम "मार्क टू मार्केट" की ओर बढ़ने से होने वाले प्रभाव का विश्लेषण कर सकें । 4. कृपया प्राप्ति-सूचना हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें । भवदीय |
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