बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश - श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिथा, बंगलुरु – अवधि विस्तार
11 जुलाई 2021 बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक ने श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिथा, बंगलुरु को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश DOS.CO.UCB.BSD-III/D-2/12.23.283/2019-20 द्वारा निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता समय-समय पर बढ़ाई गई और जिसे पिछली बार दिनांक 07 जनवरी 2021 के निदेश DOR.AID.No.D-51/12.23.283/2020-21 द्वारा 10 जुलाई 2021 तक बढ़ाई गई थी। भारतीय रिज़र्व बैंक संतुष्ट है कि जनहित में श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिथा, बंगलुरु को जारी दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश DOS.CO.UCB.BSD-III/D-2/12.23.283/2019-20, जिसे पिछली बार दिनांक 07 जनवरी 2021 के निदेश DOR.AID.No.D-51/12.23.283/2020-21द्वारा बढ़ाया गया था, की परिचालन की अवधि को बढ़ाया जाना आवश्यक है । तदनुसार, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उपधारा (1) के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक एतदद्वारा निदेश देता है कि श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिथा, बंगलुरु को जारी दिनांक 2 जनवरी 2020 का निदेश DOS.CO.UCB.BSD-III/D-2/12.23.283/2019-20, जिसे दिनांक 7 जनवरी 2021 के निदेश DOR.AID.No.D-51/12.23.283/2020-21 द्वारा संशोधित किया गया और जिसकी वैधता दिनांक 10 जुलाई 2021 तक थी, अब बैंक पर 11 जुलाई 2021 से 10 जनवरी 2022 तक और छः माह की अवधि के लिए लागू रहना जारी रहेगा और यह समीक्षाधीन रहेगा। संदर्भित निदेशों की अन्य शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/515 |
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