बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – मंथा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मंथा, जिला: जालना, महाराष्ट्र - अवधि को बढ़ाया जाना
16 दिसंबर 2021 बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – मंथा अर्बन बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 (ए) की उपधारा (1) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने जनहित में मंथा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मंथा, जिला: जालना, महाराष्ट्र को दिनांक 17 नवंबर 2020 को कारोबार समाप्ति से निदेश जारी किए थे। इन निदेशों की वैधता को समय-समय पर बढ़ाया गया और आखिरी बार वैधता का समय 16 दिसंबर 2021 तक बढ़ाया था। भारतीय रिज़र्व बैंक ने अब निदेशों की वैधता अवधि को 17 दिसंबर 2021 से 16 फरवरी 2022 तक अगले दो माह के लिए बढ़ा दिया है, जो समीक्षा के अधीन है। उक्त निदेश, जमाराशियों के आहरण/स्वीकृति पर कतिपय प्रतिबंध और/या उच्चतम सीमा निर्धारित करते हैं। इच्छुक जनता के अवलोकन के लिए विस्तृत निदेश बैंक के परिसर में प्रदर्शित किए गए हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक परिस्थितियों के आधार पर निदेशों में संशोधन पर विचार कर सकता है। जारी उपरोक्त निदेशों को रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/1371 |
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