बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश– गरहा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गुना– अवधि को बढ़ाया जाना
24 फरवरी 2022 बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश– गरहा भारतीय रिज़र्व बैंक ने जनहित में, गरहा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गुना, मध्यप्रदेश को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए 24 फरवरी 2021 को कारोबार की समाप्ति से निदेश जारी किए थे। इन निदेशों की वैधता अवधि को समय-समय पर बढ़ाया गया था, जिसे पिछली बार 24 फरवरी 2022 तक बढ़ाया गया था। भारतीय रिज़र्व बैंक ने अब निदेशों की वैधता अवधि को 25 फरवरी 2022 से 24 मई 2022 तक अगले तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है, जो कि समीक्षाधीन होगा। उक्त निदेश जमाराशियों का आहरण /स्वीकृति पर कुछ प्रतिबंध और/ या उच्चतम सीमा निर्धारित करते हैं। विस्तृत निदेश, इच्छुक जनता के अवलोकनार्थ बैंक के परिसर में प्रदर्शित की गई है। भारतीय रिज़र्व बैंक परिस्थितियों के आधार पर निदेशों में संशोधन पर विचार कर सकता है। निदेश जारी करने का यह अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/1765 |
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