डॉ. राकेश मोहन ने रिज़र्व
डॉ. राकेश मोहन ने रिज़र्व
बैंक के उप गवर्नर के रूप मेंकार्यभार संभाला
9 सितंबर 2002
डॉ. राकेश मोहन ने भारतीय रिज़र्व बैंक के उप गवर्नर के रूप में आज कार्यभार संभाल लिया। उनकी नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए है।
डॉ. मोहन को डॉ. वाइ. वी. रेड्डी के स्थान पर उप गवर्नर नियुक्त किया गया है जो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के कार्यपालक निदेशक के रूप में नियुक्त किये गये हैं।
उप गवर्नर के रूप में डॉ. मोहन मौद्रिक नीति विभाग, बाह्य निवेश एवं परिचालन विभाग, आंतरिक ऋण प्रबंध कक्ष, आर्थिक विश्लेषण और नीति विभाग, सांख्यिकीय विश्लेषण और कंप्यूटर सेवा विभाग, सरकारी और बैंक लेखा विभाग तथा व्यय और बजट नियंत्रण विभाग से सम्बद्ध कामकाज देखेंगे।
14 जनवरी 1948 को जन्मे डॉ. राकेश मोहन ने अर्थशास्त्र में अपनी मास्टर डिग्री तथा डॉक्टरेट की उपाधि प्रिन्स्टन युनिवर्सिटी से प्राप्त की तथा अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि येल युनिवर्सिटी से प्राप्त की। वे इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइन्स एण्ड टैक्नोलॉजी, युनिवर्सिटी ऑफ लंदन से इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग में विज्ञान स्नातक भी हैं।
डॉ. राकेश मोहन ने आर्थिक सुधार तथा उदारीकरण, औद्योगिक अर्थशास्त्र, शहरी अर्थशास्त्र, आधारभूत अध्ययन तथा आर्थिक विनियमन के क्षेत्रों में व्यापक अनुसंधान किया है। उन्होंने शहरी अर्थशास्त्र पर तीन पुस्तकें लिखी हैं और वे भारतीय आर्थिक नीति सुधार पर एक पुस्तक के सह-लेखक हैं। उन्होंने काफी संख्या में आलेख लिखे हैं।
रिज़र्व बैंक के उप गवर्नर के रूप में कार्यभार संभालने से पहले डॉ. राकेश मोहन इंडियन कौन्सिल फॉर रिसर्च एण्ड इंटरनेशनल इकोनामिक रिलेशन्स के निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनान्स कंपनी के उपाध्यक्ष थे। वे 4 जनवरी 2001 और 15 मई 2002 के बीच वित्तमंत्री के सलाहकार और मुख्य आर्थिक सलाहकार के पद पर भी कार्यरत रहे। वे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य, टेलिकाम रेग्युलेटरी एथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य, इन्स्टिट्यूट ऑफ इकोनामिक ग्रोथ के बोड़ ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, नेशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनान्स एण्ड पॉलिसी के बोड़ ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, नेशनल कौन्सिल ऑफ एप्लाइड इकोनामिक रिसर्च की गवर्निंग बॉडी के सदस्य, मद्रास स्कूल ऑफ इकोनामिक्स के बोड़ ऑफ गवर्नर्स के सदस्य भी हैं।
वे रेलवे पर विशेषज्ञ दल (1999-2001), इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के व्यवसायीकरण पर विशेषज्ञ दल (1994-1996) तथा पेट्रो केमिकल्स पर विशेषज्ञ दल (1992-1993) के अध्यक्ष रहे।
वे उद्योग मंत्रालय में भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार (1988-1996) रहे जहां उन्होंने नयी औद्योगिक, व्यापार तथा विदेशी निवेश नीति तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी। वे योजना आयोग के विकास नीति प्रभाग (1986-1988) में भी रहे। वे राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय औद्योगिक पुनर्निर्माण बैंक, भारतीय औद्योगिक ऋण तथा निवेश निगम (आइसीआइसीआइ) एवं भारतीय लघु औद्योगिक विकास बैंक (सिडबी) के भी निदेशक रहे। वे प्रमुख पत्तनों के लिए टेरिफ प्राधिकरण के सदस्य (1997-2002) तथा सिक्युरिटीज़ बोड़ ऑफ इंडिया (2001-2002) के सदस्य भी रहे हैं।
अल्पना किल्लावाला
महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी : 2002-2003/270
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