एफआईआई/आरएफपीआई को अब मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड में 30 प्रतिशत तक निवेश की अनुमति – एफआईआई/आरएफपीआई की सतर्कता सूची से नाम हटाना
24 सितंबर 2015 एफआईआई/आरएफपीआई को अब मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड में भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अधिसूचित किया है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई)/पंजीकृत विदेशी संविभाग निवेशक (आरएफपीआई) अब संविभाग निवेश योजना के अंतर्गत मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चुकता पूंजी के 30 प्रतिशत (डिफॉल्ट 24 प्रतिशत से संशोधित) तक निवेश कर सकते हैं। रिज़र्व बैंक ने आगे सूचित किया है कि मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड में एफआईआई/आरएफपीआई द्वारा विदेशी शेयरधारिता संशोधित शुरुआती सीमा से कम हो गई है। अतः उपर्युक्त कंपनी के शेयरों की खरीद पर लगाए गए प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटाए जाते हैं। रिज़र्व बैंक ने बताया है कि कंपनी ने अपने निदेशक मंडल स्तर पर संकल्प पारित किए हैं और शेयरधारकों द्वारा एक विशेष संकल्प पारित किया गया है जिसमें एफआईआई/आरएफपीआई द्वारा इसके इक्विटी शेयरों और परिवर्तनीय डिबेंचरों की खरीद की सीमा में वृद्धि करने पर सहमति बनी है। यह खरीद प्राथमिक बाजार और शेयर बाजारों के माध्यम से की जा सकती है तथा यह 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 20/2000-आरबी (समय-समय पर यथासंशोधित) के विनियम 5(2) तथा रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों के अधीन होगी। रिज़र्व बैंक ने इसे फेमा 1999 के अंतर्गत अधिसूचित किया है। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी : 2015-2016/751 |
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