आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2023-24 के दौरान गैर-सरकारी गैर-वित्तीय (एनजीएनएफ) निजी लिमिटेड कंपनियों के वित्तीय कार्य-निष्पादन से संबंधित आंकड़े (https://data.rbi.org.in/DBIE/#/dbie/reports/Statistics/Corporate%20Sector/Non-Government%20Non-Financial%20Private%20Limited%20Companies) जारी किए जो कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय, भारत सरकार जो इन आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है, से प्राप्त 11,317 कंपनियों, जिनके द्वारा 2021-22 से 2023-24 तक तीन लेखांकन वर्षों के लिए भारतीय लेखा मानक (इंड-एएस) प्रारूप में रिपोर्ट किया गया, के लेखापरीक्षित वार्षिक खातों पर आधारित हैं। मार्च 2024[1] में इन कंपनियों की कुल चुकता पूंजी (पीयूसी) ₹6,55,009 करोड़ थी, जो एनजीएनएफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की कुल पीयूसी का 32.2 प्रतिशत थी। मुख्य बातें बिक्री
- एनजीएनएफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की निवल बिक्री 2023-24 के दौरान 10.8 प्रतिशत बढ़ी, जो महामारी के बाद की बहाली के वर्ष 2022-23 के दौरान 21.8 प्रतिशत की उच्च वृद्धि के अलावा है; 2023-24 के दौरान विनिर्माण और सेवा कंपनियों की बिक्री वृद्धि क्रमशः 10.2 प्रतिशत और 11.2 प्रतिशत रही (विवरण 1 और 7)।
- पिछले वर्ष में गतिविधियों में महामारी के बाद की वृद्धि के बाद सापेक्ष सामान्यीकरण के साथ, सभी प्रमुख गतिविधि श्रेणियों (अर्थात, खनन, विनिर्माण, बिजली, निर्माण और सेवा) ने 2023-24 के दौरान कम दोहरे अंकों की बिक्री वृद्धि दर्ज की (विवरण 7)।
- गतिविधियों की गति में मंदी के अनुरूप, सकल अचल आस्तियों और कुल निवल आस्तियों दोनों की तुलना में निवल बिक्री का अनुपात वर्ष के दौरान कम हुआ (विवरण 2)।
व्यय
- विनिर्माण व्यय और कर्मचारियों के पारिश्रमिक में बिक्री वृद्धि के अनुरूप कम वृद्धि हुई और परिणामस्वरूप कुल परिचालन व्यय 2023-24 के दौरान 8.9 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि पिछले वर्ष इसमें 22.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी (विवरण 1)।
- विनिर्माण और सेवा दोनों कंपनियों के परिचालन व्यय 2023-24 के दौरान बिक्री वृद्धि के सापेक्ष धीमी गति से बढ़े (विवरण 7)।
लाभ
- 2023-24 के दौरान समग्र स्तर पर और साथ ही विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के लिए परिचालन लाभ वृद्धि में तेजी आई; परिणामस्वरूप, बिक्री पर कर के बाद लाभ की तुलना में परिचालन लाभ के अनुपात द्वारा मापे गए लाभ मार्जिन में 2023-24 के दौरान सुधार हुआ (विवरण 1, 7 और 8)।
लीवरेज
- समग्र स्तर पर, नमूना कंपनियों का लीवरेज (ऋण-से-इक्विटी अनुपात के संदर्भ में) मार्च 2024 में 45.2 प्रतिशत पर एक वर्ष पहले के स्तर के करीब रहा; ‘बिजली गैस भाप और एयर कंडीशनिंग आपूर्ति’ और ‘सिविल इंजीनियरिंग सहित निर्माण’ अत्यधिक लीवरेज में बने रहे, तथापि 2023-24 के दौरान कुछ कमी देखी गई (विवरण 2 और 8)।
- समग्र स्तर पर, ब्याज कवरेज अनुपात[2] (आईसीआर) पिछले वर्ष के 2.7 से बढ़कर 2023-24 के दौरान 3.1 हो गया; विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के आईसीआर में भी सुधार हुआ और यह क्रमशः 8.3 और 2.7 रहा (विवरण 2 और 8)।
निधि के स्रोत एवं उपयोग
- आरक्षित निधियों और अधिशेष में उच्च वृद्धि के साथ, 2023-24 के दौरान निधियों के आंतरिक स्रोतों की हिस्सेदारी में सुधार हुआ, और निधियों के बाह्य स्रोतों की हिस्सेदारी को न्यूनतर चालू उधारों द्वारा कम किया गया (विवरण 5ए)।
- 2023-24 के दौरान समग्र स्तर के साथ-साथ विनिर्माण क्षेत्र में भी अचल आस्तियों में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई; विनिर्माण क्षेत्र के भीतर, ‘खाद्य, पेय पदार्थ और तंबाकू उत्पाद’, ‘रसायन, फार्मास्यूटिकल्स’, ‘धातु और धातु उत्पाद’, ‘विद्युत उपकरण’ तथा ‘मोटर वाहन और अन्य परिवहन वाहन’ में अचल आस्तियों में उच्च वृद्धि दर्ज की गई (विवरण 1 और 7)।
वक्तव्यों के स्पष्टीकरण नोट अनुलग्नक में दिए गए हैं। अजीत प्रसाद उप महाप्रबंधक (संचार) प्रेस प्रकाशनी: 2024-2025/2243
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