गैर-केंद्रीय समाशोधित डेरिवेटिवों के लिए मार्जिन अपेक्षाओं का कार्यान्वयन
1 सितंबर 2016 गैर-केंद्रीय समाशोधित डेरिवेटिवों के लिए मार्जिन अपेक्षाओं का कार्यान्वयन भारतीय रिज़र्व बैंक ने गैर-केंद्रीय समाशोधित डेरिवेटिवों के लिए मार्जिन अपेक्षाएं शुरू करने को टालने का निर्णय लिया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि अन्य कई अधिकारक्षेत्रों ने मार्जिन अपेक्षाओं के लिए कार्यान्वयन समयसीमा में विलंब की घोषणा की है और इसके साथ मार्जिनों के सक्षम विनिमय के लिए बुनियादी सुविधाओं के लिए उद्योग की तत्परता के अभाव के कारण ऐसा किया गया है। इससे सीमापार कार्यान्वयन मुद्दों से बचने में सहायता मिलेगी और इससे बाजार सहभागियों को नई अपेक्षाओं के लिए योजना बनाने और अपने आपको तैयार रखने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। भारतीय रिज़र्व बैंक मार्जिन अपेक्षाओं के कार्यान्वयन के प्रति वचनबद्ध है तथा मार्जिन अपेक्षाओं पर निर्णय लेने के बाद इन पर अंतिम दिशानिर्देश जारी करना चाहता है। पृष्ठभूमि गैर-केंद्रीय समाशोधित डेरिवेटिवों के लिए मार्जिन अपेक्षाओं पर चर्चा पत्र (डीपी) मई 2016 में जारी किया गया था। चर्चा पत्र के अनुसार, 1 सितंबर 2016 से मार्जिन अपेक्षाओं को चरणों में लागू किया जाना था। अल्पना किल्लावाला प्रेस प्रकाशनी : 2016-2017/563 |
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