संविभाग निवेश योजना के तहत भारतीय कंपनी में विदेशी निवेश की सीमा/उच्चतम सीमा में वृद्धि- विदेशी संस्थागत निवेश 40% तकः करुर वेश्य बैंक लिमिटेड
2 जनवरी 2014 संविभाग निवेश योजना के तहत भारतीय कंपनी में विदेशी निवेश की सीमा/उच्चतम सीमा में भारतीय रिज़र्व बैंक ने सूचित किया है कि करुर वैश्य बैंक लिमिटेड ने निदेशक बोर्ड की बैठक में एक संकल्प पारित किया है और अपनी वार्षिक साधारण बैठक में एक संकल्प पारित किया है, जिसमें भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा प्राथमिक/द्वितीयक बाज़ारों के माध्यम से अपनी चुकता पूंजी के 40% तक इसके इक्विटी शेयरों की खरीद के लिए सहमति दर्शाई गई है। करुर वैश्य बैंक लिमिटेड में विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निवेश की बढ़ाई गई 40% सीमा के लिए रिज़र्व बैंक का अनुमोदन इस शर्त के अधीन है कि बैंक में समग्र विदेशी निवेश सरकार द्वारा समय समय पर निर्धारित 49% (स्वचालित मार्ग के तहत 49% और 49% से 74% तक सरकारी मार्ग के तहत) की संयुक्त क्षेत्रकीय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए। चूँकि करुर वैश्य बैंक लिमिटेड ने अब इस संबंध में आवश्यक संकल्प पारित कर किए हैं, इसलिए अब करुर वैश्य बैंक लिमिटेड के इक्विटी शेयरों की खरीद प्राथमिक बाज़ार और स्टाक बाजारों के माध्यम से की जा सकती है बशर्ते करुर वैश्य बैंक लिमिटेड में एकल विदेशी संस्थागत निवेशक/पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशक के सेबी अनुमोदित उप-खाते द्वारा इक्विटी शेयरों की खरीद बैंक की प्रदत्त इक्विटी पूँजी के 10% (दस प्रतिशत) से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किए गए निवेश विनिर्दिष्ट उच्चतम सीमा के भीतर हैं। यह नोट किया जाए कि बैंकिंग परिचालन और विकास विभाग (डीबीओडी) की वर्तमान नीति के तहत शेयरों के अधिग्रहण/अंतरण की प्राप्ति संबंधी 3 फरवरी 2004 को जारी नीतिगत दिशानिर्देशों के आधार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निजी क्षेत्र के बैंक के 5% और उसे अधिक के शेयरों के अधिग्रहण/अंतरण के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक की स्वीकृति अपेक्षित है। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी : 2013-2014/1336 |
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