बृहदीश्वरर मंदिर के एक हज़ार वर्ष विषय के साथ ₹ 5/- के मूल्यवर्ग के सिक्के जारी करना
11 मार्च 2011 "बृहदीश्वरर मंदिर के एक हज़ार वर्ष’’ विषय के साथ ₹ 5/- के मूल्यवर्ग के सिक्के जारी करना भारतीय रिज़र्व बैंक शीघ्र ही "बृहदीश्वरर मंदिर के एक हज़ार वर्ष" विषय के साथ ₹ 5/- के सिक्के परिचालित करेगा। उपर्युक्त मूल्यवर्ग के सिक्के निम्नलिखित विमाओं, अभिक्ल्प और धातु-संरचना के अनुरुप होंगे, अर्थात् :
मुखभाग : सिक्के के मुख भाग पर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष होगा जिसके नीचे "सत्यमेव जयते" इबारत लिखी होगी, उसकी ऊपरी बांई परिधि पर हिन्दी में "भारत" शब्द और ऊपरी दायीं परिधि पर अंग्रेजी में "INDIA" शब्द होगा। सिंह शीर्ष के नीचे इस पर अंतर्राष्ट्रीय अंकों में अंकित मूल्य "5" के साथ निचली बायीं परिधि पर हिन्दी में "रुपए" शब्द और निचली दायीं परिधि पर अंग्रेजी में "RUPEES" शब्द होगा। पृष्ठ भाग : सिक्के के पृष्ठ भाग पर "बृहदीश्वरर मंदिर" का चित्र होगा तथा बांई परिधि पर हिंदी में "बृहदीश्वरर मंदिर के 1000 वर्ष" दाई परिधि पर अंग्रेजी में "1000 YEARS OF BRIHADEESWARAR TEMPLE" उत्कीर्ण लेख के साथ हाथ जोड़े हुए चोल वंश कं "सम्राट राजा राजन-I" की प्रतिकृति होगी और चित्र के नीचे हिन्दी में "तंजावूर" और अंग्रेजी में "THANJAVUR" होगा। चित्र के नीचे अंतर्राष्ट्रीय अंकों में वर्ष "2010" अंतर्लिखित होगा। यह सिक्के भारतीय सिक्का निर्माण अधिनियम 1906 में यथाउद्धृत एक वैध मुद्रा होंगें। परिचालन में पूर्व के पाँच रुपए के सिक्के वैध मुद्रा के रुप में बने रहेंगे। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी : 2010-2011/1298 |
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