पीआईएस के अंतर्गत भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश की निगरानी – एफआईआई/आरएफपीआई – मेसर्स ज़ेन टेक्नॉलजीस लिमिटेड
13 मार्च 2015 पीआईएस के अंतर्गत भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश की निगरानी – भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज यह अधिसूचित किया है कि मेसर्स ज़ेन टेक्नोलजीस लिमिटेड में विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई)/पंजीकृत विदेशी संविभाग निवेशक (आरएफपीआई) की विदेशी शेयरधारिता संशोधित प्रारंभिक सीमा से कम हो गई है। अत: उपर्युक्त कंपनी के शेयरों की और खरीद पर लगाए गए प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह भी सूचित किया है कि एफआईआई/आरएफपीआई अब संविभाग निवेश योजना के अंतर्गत मेसर्स ज़ेन टेक्नोलजीस लिमिटेड की चुकता पूंजी के 20 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं तथा अनिवासी भारतीय (एनआरआई)/भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) उक्त कंपनी की चुकता पूंजी के 4 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं। रिज़र्व बैंक ने बताया है कि कंपनी ने अपने निदेशक मंडल स्तर पर संकल्प पारित किए हैं और शेयरधारकों द्वारा एक विशेष संकल्प पारित किया गया है जिसमें एफआईआई/आरएफपीआई द्वारा इसके इक्विटी शेयरों और परिवर्तनीय डिबेंचरों की खरीद की सीमा में वृद्धि करने पर सहमति बनी है। यह खरीद प्राथमिक बाजार और शेयर बाजारों के माध्यम से की जा सकती है तथा यह 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 20/2000-आरबी (समय-समय पर यथासंशोधित) के विनियम 5(2) तथा रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों के अधीन होगी। रिज़र्व बैंक ने इसे फेमा 1999 के अंतर्गत अधिसूचित किया है। संगीता दास प्रेस प्रकाशनी : 2014-2015/1932 |
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: