पीआईएस के अंतर्गत भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश की निगरानी – प्रतिबंधित सूची से नाम हटाना - जीडीआर/एडीआर/एफडीआई/एनआरआई/ पीआईओ/एफआईआई/आरएफपीआई – मेसर्स डाइनामैटिक टेक्नॉलजीस लिमिटेड
17 मार्च 2015 पीआईएस के अंतर्गत भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश की निगरानी – भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज यह अधिसूचित किया है कि मेसर्स डाइनामैटिक टेक्नोलजीस लिमिटेड में वैश्विक निक्षेपागार रसीदों (जीडीआर)/अमरीकी निक्षेपागार रसीदों (एडीआर)/ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई)/अनिवासी भारतीयों (एनआरआई)/भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ)/विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई)/पंजीकृत विदेशी संविभाग निवेशकों (आरएफपीआई) की विदेशी शेयरधारिता संशोधित प्रारंभिक सीमा से कम हो गई है। अत: उपर्युक्त कंपनी के शेयरों की और खरीद पर लगाए गए प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह भी सूचित किया है कि एफआईआई/आरएफपीआई अब संविभाग निवेश योजना के अंतर्गत मेसर्स डाइनामैटिक टेक्नोलजीस लिमिटेड की चुकता पूंजी के 25 प्रतिशत (पूर्व के 26 प्रतिशत की सीमा से संशोधित) तक निवेश कर सकते हैं तथा अनिवासी भारतीय (एनआरआई)/भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) उक्त कंपनी की चुकता पूंजी के 1 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं। रिज़र्व बैंक ने बताया है कि कंपनी ने अपने निदेशक मंडल स्तर पर संकल्प पारित किए हैं और शेयरधारकों द्वारा एक विशेष संकल्प पारित किया गया है जिसमें एफआईआई/आरएफपीआई द्वारा इसके इक्विटी शेयरों और परिवर्तनीय डिबेंचरों की खरीद की सीमा में वृद्धि करने पर सहमति बनी है। यह खरीद प्राथमिक बाजार और शेयर बाजारों के माध्यम से की जा सकती है तथा यह 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 20/2000-आरबी (समय-समय पर यथासंशोधित) के विनियम 5(2) तथा रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों के अधीन होगी। रिज़र्व बैंक ने इसे फेमा 1999 के अंतर्गत अधिसूचित किया है। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी : 2014-2015/1953 |
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