"अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की जमाराशियों और ऋण की तिमाही सांख्यिकी - जून 2007"
"अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की जमाराशियों और ऋण की तिमाही सांख्यिकी - जून 2007"
"अनुसूचित वाणिज्य बैकों की जमाराशियां एवं ऋण की तिमाही सांख्यिकी - जून 2007" जून 2007 के अंतिम शुक्रवार की स्थिति के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की कुल जमाराशियों और सकल बैंक ऋण पर आँक़डे दर्शाती है। ये आंकड़े मूलभूत-सांख्यिकीय विवरणियों (बीएस्आर-7) पर आधारित हैं और अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सम्मिलित) की सभी शाखाओं से प्राप्त किया जाता है।
अनुसूचित वाणिज्य बैंकों ने जिन बैंक सुविधायुक्त केद्रों को सेवा दी उनकी संख्या 34,349 रही। इन केद्रों में से 28,713 एकल कार्यालय केंद्र (सिंगल ऑफिस सेंटर्स) थे और 50 केंद्र ऐसे थे जिनके बैंक कार्यालय 100 और इससे अधिक थे।
34,349 बैंक सुविधायुक्त केंद्रों में से जमाराशियों के अनुसार क्रम में रखे गये शीर्ष सौ केंद्रों की जमाराशि कुल जमाराशि का 69.4 प्रतिशत और बैंक ऋण के हसाब से शीर्ष सौ केंद्रों का बैंक ऋण कुल बैंक ऋण का 77.2 प्रतिशत था। जून 2006 में शीर्ष सौ केंद्रों का योगदान कुल जमाराशि में 67.7 प्रतिशत और सकल बैंक ऋण में 76.6 प्रतिशत था। जून 2007 में शीर्ष सौ केंद्रों की कुल जमा राशि में पिछले वर्ष से 26.6 प्रतिशत की बढोतरी हई, जबकि जून 2006 में वी बढ़ोतरी 27.7 प्रतिशत थी। शीर्ष सौ केंद्रों के सकल बैंक ऋण में जून 2007 में 24.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज हुई। य वृद्धि जून 2006 में 34.3 प्रतिशत रही।
समूह के रूप में राष्ट्रीयकृत बैंकों ने कुल जमा राशियों में 47.7 प्रतिशत का योगदान दिया, जबकि भारतीय स्टैंट बैंक और इसके सयोगी बैंकों का योगदान 22.2 प्रतिशत का रहा। अन्य अनुसूचित वाणिज्य बैंकों, विदेशी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का कुल जमा राशियों में क्रमश: 21.2 प्रतिशत, 5.9 प्रतिशत और 3.0 प्रतिशत का हिस्सा रहा। सकल बैंक ऋण के संदर्भ में कुल बैंक ऋण में सर्वाधिक 47.0 प्रतिशत हिस्सा राष्ट्रीयकृत बैंकों का रहा, जबकि इसके ठीक पीछे भारतीय स्टैंट बैंक और इसके सहयोगी बैंक 23.2 प्रतिशत और अन्य अनुसूचित वाणिज्यि बैंक 20.6 प्रतिशत रहा। तुलनात्मक रुप से विदेशी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का कुल बैंक ऋण में हिस्सा कम रहा - क्रमश: 6.7 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत।
अखिल भारतीय स्तर पर जून 2007 के अंतिम शुक्रवार की स्थिति के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के ऋण-जमा (सी-डी) का अनुपात 71.8 प्रतिशत रहा। राज्यों/संघशासित क्षेत्रों में सर्वाधिक ऋण-जमा (सी-डी) अनुपात तमिलनाडु (110.2) प्रतिशत) में देखा गया, जबकि इसके बाद चंडीगढ़ (97.5 प्रतिशत) का स्थान रहा। बैंक समूह स्तर पर ऋण-जमा (सी-डी) अनुपात अखिल भारतीय ऋण-जमा (सी-डी) अनुपात की तुलना में विदेशी बैंकों (81.6 प्रतिशत), भारतीय स्टैंट बैंक और उसके सयोगी बैंकों (74.9 प्रतिशत) में अधिक रहा और राष्ट्रीयकृत बैंकों (70.6 प्रतिशत), अन्य अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (70.0 प्रतिशत) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों 60.4 प्रतिशत) के मामले में कम रहा । जनसंख्या समूह के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की ऋण-जमा (सी-डी) अनुपात में मनगर (मेट्रोपोलिटन) केंद्रों का ऋण-जमा (सी-डी) अनुपात सर्वाधिक (83.6 प्रतिशत) रहा। ग्रामीण केंद्रों (60.8 प्रतिशत) और शही केंद्रों (57.6 प्रतिशत) का स्थान उसके बाद रहा और अर्धशहरी केंद्रों में 51.7 प्रतिशत का निम्नतम ऋण-जमा (सी-डी) अनुपात देखा गया।
जमा राशियों के आकार के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंक कार्यालयों के वितरण को देखने से यह पता चलता है कि कुल बैंक कार्यालयों में 55.2 प्रतिशत बैंक कार्यालय 10 करोड़ रुपये या इससे अधिक की जमा राशियों वाले थे। कुल जमा राशियों में इन बैंक कार्यालयों का योगदान 94.3 प्रतिशत और कुल बैंक ऋण में 90.3 प्रतिशत रहा। जिन कार्यालयों ने 10 करोड़ रुपये या अधिक का ऋण दिया उनका प्रतिशत 31.9 रहा। समग्र रुप में इन कार्यालयों ने कुल बैंक ऋण का 89.8 प्रतिशत दिया, जबकि कुल जमा राशियों में उनका हिस्सा 73.7 प्रतिशत रहा।
अजीत प्रसाद
प्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी : 2007-2008/529
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