रिज़र्व बैंक ने सरकारी कारोबार करने के लिए निजी क्षेत्र के चार बैंकों को अनुमति दी
रिज़र्व बैंक ने सरकारी कारोबार करने के लिए
निजी क्षेत्र के चार बैंकों को अनुमति दी
29 अगस्त 2003
भारतीय रिज़र्व बैंक ने पहली अक्तूबर 2003 से केंद्रीय सरकार के सभी प्रकार के लेनदेन करने के लिए अपने एजेंटों के रूप में निजी क्षेत्र के चार बैंकों को अनुमति दी है। जिन चार बैंकों को सरकारी लेनदेन करने की अनुमति दी गयी है वे हैं - एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आइसीआइसीआइ बैंक लिमिटेड, आइडीबीआइ बैंक लिमिटेड और यूटीआइ बैंक लिमिटेड। यदि कोई राज्य सरकार इनमें से किसी एक अथवा इन सभी बैंकों को अपने बैंकरों के रूप में नियुक्त करना चाहे तो इन बैंकों को राज्य सरकारों के लेनदेन करने के लिए भी प्राधिकृत किया गया है।
इन बैंकों को केंद्रीय सरकार के प्रत्यक्ष तथा परोक्ष करों की वसूली और साथ ही साथ केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों/विभागों की पेन्शन तथा अन्य व्यय मदों की अदायगी के लिए भी प्राधिकृत किया गया है। इन बैंकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सरकार की ओर से निधियां प्राप्त कर लेने के बाद, राशियों की वसूली के तीन दिन के भीतर (छुट्टियों को शामिल करते हुए) रिज़र्व बैंक में भेज देंगे ताकि उन्हें सरकार के खाते में जमा लिखा जा सके। यह प्राधिकरण इस शर्त पर है कि बैंक भारत सरकार के परामर्श से रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित कुछेक मूलभूत सिद्धांतों को पालन करना जारी रखते हैं।
अल्पना किल्लावाला
महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी : 2003-2004/287
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